उरई। चुनावी बिगुल बजने के बाद कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन ने अपने अपने प्रत्याशी मैदान में उतार भी दिए हैं, लेकिन अभी तक भाजपा का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा है। इस बार दावेदार को देखने के लिए भाजपाइयों की नजर मैदान के अलावा आसमान पर भी है, क्योंकि इस टिकट को जीत की गारंटी मानने वाले कुछ दिग्गज पैराशूट से भी उतर सकते हैं। बता दें कि 6 लोकसभा चुनाव में से 4 चुनाव जीतने वाले जनपद के कद्दावर सांसद भानुप्रताप ही नहीं बल्कि दूसरे दल से आए प्रत्याशी को जिताने के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी मुश्किलें बढ़ सकती है।
बता दें कि सत्रहवीं लोकसभा के लिए भोगनीपुर जालौन गरौंठा संसदीय सीट से चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन और कांग्रेस ने अपने दावेदार उतार दिए है, लेकिन भाजपा के उम्मीदवार के नाम को लेकर अभी तक अटकलों का बाजार गर्म है। हालांकि चार बार जनपद के सांसद रहे वर्तमान सांसद भानु प्रताप का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। किंतु दूसरे दलों और जनपदों से आने वाले नेता भी टिकट के लिए जोर लगाए हुए है, इस कारण भानु की दावेदारी की गारंटी फिलहाल कोई बड़ा नेता लेने को तैयार नहीं है। पैराशूट प्रत्याशियों की बात करें तो इसमें सबसे पहले भाजपा के ही कुछ ऐसे नेता है, जिनका संसदीय अनुभव से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था, पर अब लखनऊ से दिल्ली का सफर तय करने की तैयारी में लगे हैं। इनमें एक नेता जिले के तो दूसरे नेता सटे हुए जिले के है। इन दोनों नेताओं को पार्टी में ही पैराशूट प्रत्याशी के रुप में देखा जा रहा है। बसपा का तो यहां पर न टिकट मिलने से नाराज और कई दलों की परिक्रमा कर चुके जनपद के एक दिग्गज नेता इन दिनों लखनऊ-दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं की परिक्रमा में जुटे हैं, शायद भाजपा का टिकट मिल जाए तो रसूख बरकरार रह जाए। इसके अलावा वर्तमान में सपा के एक पूर्व जनप्रतिनिधि भी भाजपा सांसदी की टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं, वह अपने भाजपा के पुराने संबंधों की दुहाई देेते हुए संसदीय क्षेत्र की टिकट झटकने की फिराक में हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता का कहना है कि टिकट के दावेदार कई लोग है, जिनमें कुछ दूसरे दलों से भी हैं, फैसला पार्टी हाईकमान को करना है, इसलिए जो भी उम्मीदवार होगा उसे संगठन न सिर्फ पूरी ताकत से लड़ाएगा बल्कि जिताकर भी लाएगा। होली के बाद जनपद की सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो जाएगी।