उरई। अमर उजाला के महाअभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अंतर्गत रामगर स्थित चौधरी चरण सिंह बालिका इंटर कालेज में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर गोष्ठी हुई। जिसमें छात्राओं ने रैली निकालकर बेटियों को समान अधिकार देने का संदेश भी दिया। इसके अलावा छात्राओं ने नारी सशक्तिकरण और मतदाता दिवस पर चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि आज बेटा-बेटी का फर्क तेजी से समाप्त हो रहा है। यही वजह है कि अब बालिका दिवस पर भी लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
कालेज के प्रबंधक बलराम सिंह लंबरदार ने गोष्ठी में कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे बेटों की तरह बेटियां की भी शिक्षा पर पूरा ध्यान दें और उन्हें खूब पढ़ने दें। बेटियां दो परिवार चलाती है, इसलिए उनका शिक्षित होना बेहद जरूरी है, क्योंकि तभी वे दोनों परिवारों को सही रास्ते पर ले जा सकेंगी।
बताया कि कालेज में बेटियों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए अक्सर चित्रकला, पेंटिंग, वाद विवाद और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाता है। प्रधानाचार्य संदीप कुमार ने भी बेटियों आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बेटियों को उनके फैसले लेने का अधिकार देना चाहिए, बस उन्हें समय समय पर सही और गलत फर्क समझाने की जरूरत है, फिर देखिए बेटियां भी कैसे बेटों की तरह अपने माता पिता का नाम रोशन करती है।
कालेज शिक्षिका अनीता पचौरी ने कहा कि लोगों को बेटियों को अभिशाप नहीं बल्कि देवी का स्वरूप समझना चाहिए, क्योंकि बेटियां कोमल और भावुक जरूर होती हैं, लेकिन कमजोर नहीं। यदि बेटी ठान ले तो कठिन से कठिन काम को पूरी निष्ठा और लगन से पूरा करती है। लिहाजा बेटियों की शिक्षा पर अभिभावकों को भी विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके बाद कालेज की छात्राओं ने अपराजिता मुहिम के फार्म भरे और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे लगाते हुए रैली भी निकाली। इसके अलावा कुछ छात्राओं ने नारी सशक्तिकरण के साथ साथ मतदाता जागरुकता पर चित्र बनाकर लोगों को वोट जरूर डालने के लिए भी प्रेरित किया। इस दौरान सावित्री, कस्तूरी, कल्पना, श्रद्वा, अंजलि, शशि आदि मौजूद रहीं।