कदौरा/रामपुरा। महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से आए 161 मजदूरों को जगह-जगह पर रोक कर प्रशासन ने क्वारंटीन किया। क्वारंटीन सेंटरों में अधिकारियों ने चेताया की सभी 14 दिन तक सेंटर में रहकर नियमित जांच कराएं, इसके बाद उन्हें घर भेजा जाएगा।
कदौरा संवाद के मुताबिक, शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान महाराष्ट्र से ट्रक में सवार होकर आए बहराइच, गोंडा, बस्ती व श्रावस्ती के 76 मजदूरों को एसडीएम कौशल कुमार की अगुवाई में रोककर गफूर खां डिग्री कालेज में क्वारंटीन किया गया। शनिवार सुबह चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अशोक कुमार की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम ने मजदूरों की जांच की। मजदूरों ने बताया कि महाराष्ट्र के भीमंडी कुर्ला बांद्रा में मजदूरी का कार्य करते थे।
कोरोना के चलते ठेकेदारों ने सहयोग नहीं किया तो भूखों मरने की नौबत आ गई। इसलिए ट्रक से अपने घरों को जा रहे थे। इस दौरान नगर पंचायत ईओ सुनील कुमार सिंह, डॉक्टर रश्मि त्रिपाठी, डॉक्टर रूपल गुप्ता, राधा बल्लभ, दयाशंकर, सुधीर यादव आदि रहे। इसी तरह फरीदाबाद, इंदौर से लौटे 20 मजदूरों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद विद्यालय में क्वारंटीन किया। क्षेत्र के ऊसरगांव में ही एमपी के कटक से आए पांच मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है।
रामपुरा संवाद के अनुसार, महाराष्ट्र से जिला महराजगंज, कुरला, गोंडा, बलरामपुर, गोरखपुर की ओर जाने वाले 60 मजदूरों को रामपुरा पुलिस ने सीमा पर रोककर समरसिंह इंटर कॉलेज क्वारंटीन कराया। मजदूरों के साथ परिवार की महिलाएं व बच्चे भी थे। मजदूरों ने बताया कि उन्हें कानपुर देहात से प्रवेश करने में काफी दिक्कतें हुई। रामपुरा इंस्पेक्टर आरके सिंह ने सभी मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था कराई। पुलिस ने बताया कि मजदूर प्राइवेट वाहनों से आए थे। लेखपाल कुंवर सिंह ने सभी मजदूरों को मास्क दिए।
जालौन जनपद के रामपुरा कस्बे के समरसिंह इंटर कॉलेज में क्वारंटीन किए गए लोगों को लंच बांटते कर्मच?- फोटो : ORAI