जालौन। अन्ना गोवंश के लिए अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना व उनके संचालन व प्रबंधन के लिए जिला विकास अधिकारी ने ब्लाक क्षेत्र के प्रधानों के साथ ब्लाक परिसर में बैठक की। जिसमें उन्होंने योजना के संबंध में जानकारी दी एवं शीघ्र ही आश्रय स्थल खोले जाने के निर्देश भी दिए।
डीडीओ मिथलेश सचान ने ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के साथ अस्थायी गौवंश आश्रम स्थलों की स्थापना, उनके संचालन व प्रबंधन के लिए ब्लॉक कार्यालय में बैठक की। बैठक में डीडीओ ने कहा कि निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश की समस्या से निपटने के लिए उन्हें अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के लिए गोचर भूमि का प्रबंधन किया जाना है। गोचर भूमि के प्रबंध के बाद ग्रामवासियों के सहयोग से गोवंश को आश्रम में लाने की व्यवस्था करें ताकि पशु बाहर अन्ना न घूम सकें।
जो भी संरक्षित गोवंश हैं उनके लिए चारा व दाना पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा उनकी समुचित चिकित्सा, सुरक्षा व लाइट आदि की व्यवस्था की जाएगी। जो भी संरक्षित गोवंशीय पशु होंगे उनका लेखा जोखा और टैग लगवाने की व्यवस्था कराई जानी है। ऐसे आश्रय स्थल में मौजूद गौवंश का यदि कोई किसान अथवा पशुपालक क्रय करना चाहता है तो उनकी समिति द्वारा निर्धारित कीमत पर बिक्री की जाएगी।
इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे पशु क्रेता के पास ही रहें और उनका उपयोग दुग्ध उत्पादन व कृषि कार्य के लिए ही किया जाए। गोवंश आश्रय स्थलों को स्वावलंबी बनाने के लिए गोशाला में गोबर व गोमूत्र से बने खाद व कीटनाशकों का विक्रय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए सारी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं एवं इस कार्य में काम करने वाले संबंधित विभागों को सूचित किया जा चुका है। इस दौरान खंड विकास अधिकारी महिमा विद्यार्थी, एडीओ पंचायत रमाशंकर प्रजापति, प्रधान दीपक श्रीवास्तव, कपूर सिंह, जसवंत सिंह, विमल कुमार आदि मौजूद रहे।