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मुआवजे की आस में बर्बाद फसलें समेट रहे किसान

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कोंच/रामपुरा। पिछले दो दिन में हुई बारिश से खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलों को भारी नुकसान का अनुमान है। इस बेमौसम बारिश ने चना, मसूर, सरसों और मटर की फसलों को खासतौर पर नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि जो फसलें पक कर कटाई कर खेतों में रखी गईं थीं कि धूप निकलने पर उनकी फली चटक जाएगीष वह दाना अब हाथ आने वाला नहीं है। वहीं प्रशासन सिर्फ नुकसान की भरपाई का आश्वासन दे रहा है, न कोई किसानों का हाल पूछ रहा है और न फसलों के सर्वे की ही जरूरत समझी जा रही है।
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तहसील क्षेत्र के पहाड़गांव इलाके में मटर की ज्यादातर फसलें कट चुकी हैं और खेतों में पड़ी हैं, इन फसलों को बारिश से नुकसान पहुंचा है। किसान नारायणदास ढीमर बताते हैं कि उनकी मटर कटी खेत में पड़ी थी और बारिश से पूरी तरह भीग गई है। सूखने पर दाना खेतों में ही झड़ जाएगा। रामगुलाम झा का कहना है कि बारिश से मसूर और चना की फसल भी बर्बाद हो गई है। इधर, ग्राम छानी, पचीपुरा, भेंड़, धनौरा, कैलिया, ऊंचागांव, सलैया, भदेवरा आदि गांवों से भी नुकसान की खबरें मिली हैं।

कहीं-कहीं बहुत ही हल्के ओले भी गिरे हैं लेकिन इनसे किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। एसडीएम गुलाब सिंह का कहना है कि उन्होंने स्वयं जाकर खेतों का निरीक्षण किया है और जल्द ही लेखपालों को भी मौके पर भेजकर सर्वे कराएंगे। किसानों के नुकसान की हर हालत में भरपाई की जाएगी। रामपुरा प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के सिद्धपुरा में बारिश ने किसानों को अधिक प्रभावित किया है।
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किसान शैलेंद्र भदौरिया, उपेंद्र ंसिंह, जीतेंद्र भदौरिया, विनोद राजावत आदि ने बताया कि बारिश के कारण खेत पर खड़ी सरसों की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। किसानों की उम्मीदों पर पानी सा फिर गया है। अभी तक तो कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया है, पता नहीं कब तक बर्बाद फसल को सहेजकर रखना होगा। वहीं एसडीएम मनोज कुमार का कहना है कि जल्द ही सर्वे कराकर किसानों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी।
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