उरई। महीनों से कछुआ चाल से बन रही गोशालाओं के कारण किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच रहा है। एक ओर गोशालाएं बनवाने के नाम पर ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं तो दूसरी ओर सैकड़ों की संख्या में अन्ना मवेशी खेतों में घुसकर किसानों की फसलों को चौपट कर रहे हैं। हालात सुधरने न देख आखिरकार सीएम योगी ने फरमान जारी किया कि हर हाल में 10 जनवरी तक मवेशी गोशालाओं में पहुंच जाएं। फिर क्या था, मुखिया का आदेश जारी होते ही अधिकारी भी हरकत में आ गए और निर्माणाधीन गोशालाओं की ओर उनकी गाड़ियां दौड़ पड़ीं। जहां कमी मिली, वहां ठेकेदार को फटकार लगाई और जहां सुस्ती दिखी वहां पर समयावधि में काम पूरा करने की चेतावनी दी।
मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, मुहाना में पिछले तीन माह से बन रही गोशाला का भी अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। यहां पर एडीएम और सीडीओ ने टीन शेड, भूसा घर, रसोई, चरई आदि देखे और जहां भी कमियां थी, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। एडीएम प्रमिल कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समय से गोशाला पूरी न हुई और वहां मवेशी नजर नहीं आए तो जिम्मेदार कार्रवाई के लिए तैयार रहे । बता दें कि मुहाना में करीब 300 से 500 मवेशियों की क्षमता वाली गोशाला बनकर तैयार हो रही है। जिसका अस्सी फीसदी से अधिक का काम लगभग पूरा भी हो गया है। जिसकी लागत 30 से 35 लाख के आसपास है। फिलहाल गोशाला में तार फिनिशिंग का काम चल रहा है। जिससे कि गोशाला में प्रवेश करने वाले मवेशी दोबारा बाहर न निकल सके। जिससे काम की रफ्तार में इजाफा हुआ है। ठेकेदार भी खड़े होकर गोशाला निर्माण कराते नजर आ रहे हैं। एडीएम प्रमिल कुमार का कहना है कि निर्धारित समय सीमा तक गोशालाओं में मवेशी तो पहुंचाने का पूरा किया जा रहा है। हर हाल तक दस जनवरी तक गोशाला को चालू करा दिया जाएगा।
जालौन प्रतिनिधि के अनुसार, अन्ना पशुओं की समस्या के समाधान के लिए 300 मवेशियों की क्षमता वाली कान्हा गोशाला निर्माण क्षेत्रीय ग्राम हीरापुर में किया जा रहा है। इसके अलावा प्रतापपुरा के पास 1500 गायों की क्षमता की एक दूसरी गोशाला का भी निर्माण कराया जा रहा है। हीरापुर स्थित कान्हा गोशाला लगभग बनकर तैयार है। मुख्य विकास अधिकारी अवधेश कुमार एवं अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह हीरापुर स्थित कान्हा गोशाला के निरीक्षण कि लिए पहुंचे। पाया कि गोशाला में चारा भंडारण के लिए भवन का निर्माण हो चुका है। लिढ़ोरी भी बन कर पूर्ण हो चुकी है। तार फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है। अधिकारियों ने शेष कार्य को शीघ्र पूरा कर 9 जनवरी तक गोशाला को चालू कराने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी भैरपाल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 1985 अन्ना जानवर चिह्नित किए गए हैं। जिनमें से 300 मवेशियों के लिए गोशाला लगभग बनकर तैयार है। जिसे 9 जनवरी तक शुरू करा दिया जाएगा।
सीएम के फरमान का असर सिर्फ गांव कस्बों तक ही नहीं बल्कि शहर में भी नजर आया। अर्से बाद नगर पालिका का जानवर कैचिंग दस्ता गाड़ियों के साथ सड़क पर नजर आया। शहीद भगत सिंह चौराहा, आंबेडकर चौराहा, जिला परिषद और कालपी रोड आदि स्थानों पर घूम रहे अन्ना मवेशियों को रस्सी में फंसाकर जैसे तैसे गाड़ियों में लादा गया। पालिका अधिकारियों ने बताया कि शहर की सड़कों पर अन्ना मवेशी बिल्कुल भी नहीं दिखने दिए जाएंगे। जिसने भी अपने मवेशी को अन्ना छोड़ा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। लोग भी पहली बार मवेशियों की धरपकड़ देख अचंभित नजर आ रहे थे। बता दें कि शहर में अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी मची रहती है। जिससे न सिर्फ यातायात बाधित होता है बल्कि आएदिन सड़क हादसे भी होते हैं।