कदौरा(उरई)। चोरों ने किसान और मौरंग ठेकेदार के घर से करीब 13 लाख के जेवर और नगदी पार कर दी। चोरों ने दो और घरों में चोरी का प्रयास किया। घरवालों के जागने पर इन्हें भागना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस लकीर पीटकर लौट आई। इलाकाई लोगों के मुताबिक चोर नकाब पहने थे।
रविवार रात कस्बे के मुमताजाबाद गांव में चोरों ने सबसे पहले किसान नियाजुद्दीन पुत्र स्व: सत्तार के घर धावा बोला। चोर मकान के पीछे की दीवार के सहारे आंगन में पहुंचे। चोर कमरे में रखे बक्से और अलमारी का ताला तोड़ कर लगभग पांच लाख नगद और करीब चार लाख के जेवर चोरी कर भाग निकले। इसके बाद चोर गांव के मौरंग ठेकेदार रिहान बेग के घर पहुंचे। यहां दरवाजे का लॉक काट कर अंदर वाले कमरे में रखी अलमारी और बक्सों के ताले तोड़ दिए। चोर यहां से डेढ़ लाख की नगदी व दो लाख के सोने-चांदी के जेवर ले गए।
रात के दो बजे रिहान बेग के पिता अय्यूब बेग शौच क्रिया के लिए जागे तो बाहर के दरवाजे खुले थे। अंदर के कमरे के ताले टूटे थे। वह सामान बिखरा देख शोर मचाने लगे। शोरगुल सुनकर परिजन व पड़ोसी घरों से बाहर निकल आए। गांव व आसपास चोरों की तलाश की गई। कोई नहीं मिला। वहीं शोरगुल सुनकर नियाजुद्दीन और परिजन जाग गए। तब इन्हें चोरी की जानकारी हुई। बताया जाता है कि नियाजुद्दीन व रिहान बेग के घर चोरी करने के बाद चोरों ने ताजुद्दीन व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नफीस बेग के घरों को भी निशाना बनाया। आहट पर परिजनों की आंख खुल जाने से चोर भाग गए।
रिहान बेग के मुताबिक चोर घर से मंगलसूत्र, सोने की दो जोड़ी झुमकी, सोने की चार चूड़ी, अंगूठी, व चांदी की तोड़ियां आदि समेट ले गए। सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने कहा कि जल्द टीम गठित कर खुलासा किया जाएगा।
अब दिसंबर में कैसे होगा बेटियों का निकाह
किसान नियाजुद्दीन ने बताया कि इसी साल दिसंबर में बेटी इल्तिजा और निदा का निकाह तय कर रखा था। चोर बेटियों का जेवर भी ले गए। अब बेटियों का निकाह कैसे हो पाएगा, समझ में नहीं आ रहा है।
न अफसर पहुंचे, न फोरेंसिक टीम
मुमताजाबाद गांव में पुलिस की 112 डायल टीम की ड्यूटी रहती है। वहीं घटना के बाद गांव में न पुलिस का बड़ा अधिकारी पहुंचा और न ही फोरेंसिक टीम। इससे भी ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
बैंकों में चेकिंग, गांव, कस्बों में गश्त भी नहीं
पुलिस अपराध कम करने के लिए लगातार बैंकों में चेकिंग अभियान चला रही है। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल कर रही है। गांव, कस्बों में थाना पुलिस की कोई गश्त है या नहीं, यह देखने की फुर्सत किसी पुलिस अधिकारी को नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे भी चोरों के हौसले बढे़ हुए हैं।
गांव के भी हो सकते हैं चोर
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि चोरों को पहचाने जाने का डर था। इससे वह नकाब पहने थे। नियाजुद्दीन ने दो सप्ताह पहले मटर बेची थी। इसकी जानकारी भी किसी को थी। इससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि चोर मुमताजाबाद के भी हो सकते हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।