उरई (जालौन)। आंबेडकर चौराहे पर प्रियंका की पहली झलक मिलते ही वहां मौजूद भीड़ को लगा कि वे अब कुछ बोलेंगी लेकिन वे माल्यार्पण कर सीधे रथ पर सवार हो गई। पद्मशाह बाबा की मजार और गांधी प्रतिमा पर जब वे रथ से उतरीं तो फिर लगा कि प्रियंका अब तो जरूर दो शब्द कहेंगी लेकिन यहां पर भी प्रियंका फूल माला चढ़ाकर रथ पर सवार हो गई।
यहां तक कि माहिल तालाब और बजरिया सरीखे भीड़ भाड़ वाले इलाके में तो लोगों को पूरी उम्मीद थी कि अब तो प्रियंका जरूर कुछ बोलेंगी लेकिन प्रियंका ने अपने पूरे रोड शो के दौरान हाथ हिलाकर कभी हाथ जोड़कर तो कभी मुस्कुराहट के साथ ही लोगों का अभिवादन किया। कभी बच्चों की ओर दुलार भरी नजरों से देखा तो कहीं युवतियों व महिलाओं से दोस्त की तरह इशारे में वोट देने की अपील भी कर गईं। भीड़ ने भी पूरे रोड शो के दौरान प्रियंका का साथ नहीं छोड़ा। इस बाबत कांग्रेसियों का कहना है कि क्योंकि कार्यक्रम निर्धारित समय से काफी लेट हो चुका था, इसलिए प्रियंका गांधी के संबोधन को टालना ही सही समझा गया।
पुलिस को भी हड़का गई प्रियंका
पद्मशाह की मजार की ओर जब प्रियंका बढ़ रही थीं तभी कुछ महिलाएं उनकी ओर आने लगी, इस पर वहां खड़ी पुलिस ने महिलाओं को धक्का दे दिया तो यह देख प्रियंका ने सिपाहियों को ही डपट दिया और बोली ऐसा नहीं करते हैं।
शहीदों की प्रतिमा पर नहीं रुका काफिला
भगत सिंह चौराहे के पास ही लगी शहीदों की प्रतिमा के सामने से ही प्रियंका का काफिला बिना रुके ही आगे बढ़ गया। कांग्रेसियों का कहना है कि डिवाइडर के कारण काफिला रुकना संभव नहीं था।
पूर्व विधायक से पूछे चुनावी समीकरण
हेलीपैड पर मौजूद पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी से प्रियंका ने बात कर लोकसभा सीट के चुनावी समीकरण पूछे और प्रत्याशी को जिताने के लिए भी कहा। इसके अलावा पार्टी के अन्य नेताओं से संक्षिप्त बातचीत की।
गली-कूचों से दौड़ लगाते रहे युवा
प्रियंका का काफिला शहर के मुख्य मार्गों से गुजर रहा था और उनकी एक झलक पाने के लिए युवाओं और महिलाओं की भीड़ मार्ग से लगी गलियों में भी दौड़ लगाती दिखाई दे रही थी, ताकि आगे ही जाकर वे प्रियंका को देख सकें।
रोड शो से लगा जाम, राहगीर भी परेशान
रोड शो के कारण पुलिस ने आंबेडकर और शहीद भगत सिंह के पास बैरीकेडिंग लगा रखी थी। जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफिला गुजरते वक्त हर रोड पर जाम भी लगा रहा।