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चूल्हे की चिंगारी से 12 घर जले

Sat, 22 Apr 2017 11:51 PM IST
अमर उजाला जालौन
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बोरिंग और बाल्टी से आग बुझाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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चूल्हे पर खाना बनाते समय निकली चिंगारी से आग घर में लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। थोड़ी ही देर में पड़ोसियों के घरों को भी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर ग्रामीण आ गए और आग बुझाने लगे, लेकिन हवा तेज होने से आग बढ़ती ही जा रही थी। प्रधान ने फायर ब्रिगेड के साथ-साथ इसकी जानकारी एसडीएम संजय कुमार को दी। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणाें के साथ करीब दो घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग से 12 घर जले गए। इसमें करीब 15 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। एसडीएम ने कानूनगो और लेखपाल को नुकसान की जानकारी करने को कहा है।
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कदौरा थाना के गांव गुलौली का मजरे में शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे मुशीबुल बेग के यहां चूल्हे पर खाना बन रहा था। चूल्हे के ऊपर छप्पर रखा था। अचानक चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। घर की महिलाएं आग बुझा पातीं, इससे पहले ही आग की लपटें उठने लगी। आग से मुशीबुल बेग का दस क्विंटल गेहूं,  दस क्विंटल अरहर के अलावा भूसा, कपड़े सहित करीब ढाई लाख का सामान जल गया।

देखते ही देखते आग ने पड़ोसी खलील बेग, आल्दाबेग, कल्लू बेग, नजारत शेख, हबीरा बेग, इस्लाम बेग, जुबेर शेख के मकानों को चपेट में ले लिया। घरों से महिलाएं और बच्चे जान बचाने के लिए चीखते चिल्लाते भागे। ग्राम प्रधान अब्दुल हई ने मामले की जानकारी एसडीएम संजय सिंह को दी तो वे पुलिस के साथ गांव पहुंचे। इसके बाद दमकल भी आ गई। दमकल कर्मियोें ने दो घंटे की मशक्कत कर आग बुझाई।
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आग से किसानाें को करीब 15 लाख का नुकसान हुआ है। एसडीएम संजय कुमार का कहना है कि वे पीड़ितों के नुकसान का सर्वे करा रहे हैं। जल्द ही मुआवजा दिया जाएगा। ग्राम प्रधान को पीड़ितों के खाने-पीने और रहने के इंतजाम करने के निर्देश दिए।

आंखों के सामने जल गई गृहस्थी
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोग कोई सामान नहीं बचा पाए। आंखों के सामने उनकी पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घरों में रखे टीवी, कूलर, पंखा, पलंग, चारपाई, नगदी, बर्तन और बिस्तर सब थोड़ी ही देर में राख हो गए

मलबे में कापियां और बस्ते तलाशते रहे बच्चे
एक ओर पीड़ित नुकसान की जानकारी अधिकारियों को दे रहे थे, दूसरी ओर मलबे में बच्चे अपना बस्ता तलाश रहे थे। पीड़ित परिवारों के बच्चे शादाब, समीर, अकील, सलमान और नफीस कापी-किताबें और बस्ते जलने से मायूस थे।
 
45 मिनट बाद पहुंची दमकल
ग्रामीणों ने बताया कि सूचना के करीब 45 मिनट बाद दमकल गुलौली पहुंची। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। दमकल कर्मियों ने दो पाइपों के सहारे जब पानी छोड़ा तब आग पर काबू किया जा सका।

हैंडपंप और टुल्लू से भी डाला पानी
आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। दमकल पहुंचने से पहले कोई हैंडपंप से तो कोई घरों में टुल्लू पंप की रबर से आग पर पानी डाल रहा था। यहां तक कि बच्चे भी छोटी-छोटी बाल्टियों से पानी ला रहे थे।
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