उरई। शहर में अन्ना जानवरों की धमाचौकड़ी पर लगाम लगाने के लिए नगर पालिका ने अस्थाई गोशाला बनवा दी है। इसमें उनके खाने पीने की व्यवस्था व बैठने का इंतजाम करा दिया गया है। इसके लिए दो कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।
अन्ना मवेशियों के लिए नगर पालिका ने करमेर रोड पर राजकीय पुस्तकालय के पास खाली पड़ी जमीन में तार फेंसिंग कर तिरपाल आदि लगाकर अस्थायी गोशाला बनाई है। इसमें मवेशियों के लिए खाने व पीने के लिए भी अलग-अलग इंतजाम किए गए है।
नगर पालिका के ईओ संजय कुमार ने बताया कि यह अस्थायी गोशाला करीब साढ़े चार लाख की लागत से बनाई जा रही है। इसमें 200 मवेशी रुक सकते हैं। उनकी देखभाल के लिए कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा इस गोशाला के सुचारु संचालन के लिए एनजीओ की भी मदद ली जाएगी। जो नो लास नो प्राफिट पर काम करेंगेे।
1.65 करोड़ की लागत से बनेगी स्थायी गोशाला
ईओ ने बताया कि नगर पालिका की ओर से सरसौखी मौजूद में एक करोड़ 65 लाख की लागत से एक अच्छी गोशाला बनाई जा रही है। इसमें एक हजार मवेशियों के रहने का इंतजाम होगा। साथ ही उनके खाने पीने की भी व्यवस्था होगी। जल्द ही वहां भी काम शुरू कर दिया जाएगा।
अन्ना छोड़ने वालों से जुर्माना वसूलेगी पालिका
अन्ना जानवर छोड़ने वालों पर नगर पालिका सख्त हो गई है। ईओ ने बताया कि दूध निकालने के बाद अपने मवेशियों को अन्ना छोड़ने वाले पशुपालकों को चिह्नित किया जाएगा और उन पर अर्थदंड लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्ना जानवरों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जाएगा।