उरई। नगर मजिस्ट्रेट के खिलाफ चल रही राजस्व अधिवक्ताओं ने बैठक के बाद अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया। लेकिन तहसीलदार के खिलाफ बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया।
डिस्ट्रिक्ट जालौन बार एसोसिएशन के राजस्व अधिवक्ताओं की बैठक कलक्ट्रेट स्थित सभागार में वरिष्ठ अधिवक्ता रतिराम निरंजन की अध्यक्षता में हुई। जिसमें नगर मजिस्ट्रेट जेपी सिंह द्वारा वार्ता संबंधी आग्रह पत्र पर सदन में विचार किया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट से मुलाकात की और अपनी मुकदमा संबंधी समस्याओं को उठाया। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि वादों के निस्तारण में कोई पक्षपात नहीं किया जाता है और न ही किसी से प्रभावित होकर कोई आदेश पारित किया जाएगा।
अगर किसी अधिवक्ता को उनके या उनके स्टाफ के किसी कर्मचारी से शिकायत है तो उन्हें अवगत कराए, उचित निर्णय लिया जाएगा। साथ ही कहा कि बहिष्कार के दौरान बिना सुनवाई पारित आदेशों के बारे में फिर से आवेदन दें उनकी फिर से सुनवाई की जाएगी। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट का बहिष्कार वापस लेने का निर्णय लिया गया। हालांकि तहसीलदार उरई के न्यायालय का बहिष्कार यथावत जारी रखने का फैसला लिया गया। संचालन कलक्ट्रेट प्रभारी शिवकांत पाठक ने किया। इस दौरान ब्रजबल्लभ गुप्ता, नाथूराम त्रिपाठी, आनंद खरे, बालमुकुंद, नफीस आलम, जगदीश द्विवेदी, राजेंद्र, जगदीश, दयाशंकर, अभिलाख, कृष्ण कुमार, जियालाल दोहरे, अंजनी कुमार, रामबहादुर, शिवसिंह, संतोष कुमार, नृपत सिंह, जयप्रकाश सिंह सेंगर, आत्माराम गौतम आदि मौजूद रहे।