उरई। जिले में नकली खाद बनाने व बेचने के मामले में दो मुख्य आरोपी एक माह बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। जबकि पुलिस इसी मामले में दस लोगों को अभी तक जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपियों के पकड़े न जाने पर एसपी ने दोनों पर दस-दस हजार का इनाम घोषित कर इन्हें पकड़ने के लिए टीमें लगाई हैं।
जिले के नदीगांव में 30 नवंबर को एसडीएम ज्योति सिंह, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने एसओजी टीम के साथ हरिमोहन अग्रवाल के निखिल खाद भंडार पर छापा मारा था। यहां से टीम को डीएपी खाद की 112 बोरियां व आठ हजार खाली बोरियां मिली थीं। इसके साथ ही पांच सौ बोरी जिप्सम की भी मिली थी।
वहीं, खड़े ट्रक से भी 616 डीएपी बोरी, दो पिकअप से 57 बोरी नकली डीएपी मिली थी।
पुलिस ने 12 लोगों को नामजद किया था। जिसमें मुख्य आरोपी नई बस्ती कोंच निवासी निखिल अग्रवाल व उरई के मोहल्ला गांधी नगर निवासी विशाल राजपूत को बनाया गया था।
पुलिस ने इस मामले में दस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन दोनों मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे हैं। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शुक्रवार को एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने दोनों पर दस दस हजार का इनाम घोषित किया है।