उरई। कालपी कोतवाली क्षेत्र में चार वर्षीय मासूम बच्ची को घर के अंदर टीवी दिखाने के बहाने ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दोषी को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 29 नवंबर 2021 को सुबह करीब 10 बजे उसकी चार वर्षीय पुत्री खेलते-खेलते पड़ोसी ताजमीर खां के घर चली गई थी। कुछ देर बाद बच्ची रोती हुई और डरी-सहमी अवस्था में घर वापस आई। उसकी मां, जेठानी व दादी ने रोने का कारण पूछा तो बच्ची ने पूरी बात बता दी।
परिजनों ने जब आरोपी के घर जाकर शिकायत की तो उसने उन्हें घर से निकल जाने को कहा। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म के प्रयास और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद 30 अप्रैल 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मंगलवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने आरोपी ताजमीर खां को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही आदेश दिया कि जुर्माना जमा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।