रेल प्रशासन और पुलिस मथुरा रेलवे जंक्शन को बम से उड़ा देने की धमकी से परेशान है। स्टेशन मास्टर (एसएम) को मिला यह हस्तलिखित गुमनाम पत्र डाक से आया है। यह पत्र अब तक देखी गई इस तरह के पत्र से अलग है।
30 नवंबर को स्टेशन उड़ा देने की धमकी देने वाले ने लिखा है कि उसे इसके लिए कोई मजबूर कर रहा है।
यह पत्र एसएम प्रह्लाद मीना को 26 नवंबर को मिला था। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी डीआरएम मुख्यालय, पुलिस अफसरों और जिलाधिकारी को दे दी थी। आरपीएफ और जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पत्र में जिस रामकुमार तिवारी का उल्लेख है, उससे थाना जीआरपी में प्रभारी पूरन सिंह चौहान ने गहन पूछताछ की। इस पूछताछ से यह मामला सामने आया। तिवारी के बारे और जानकारी जुटाई जा रही है। एहतियातन स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त रूप से चेकिंग शुरू कर दी है।
पाकिस्तानी है विवश करने वाला
पत्र में खुद को एक हिंदुस्तानी लिखने वाले ने कहा है कि वह स्टेशन पर ही रहता है। विस्फोट के लिए विवश करने को उसके सात साल के बेटे का अपहरण कर लिया गया है। उसे विस्फोट के लिए दो लाख रुपये देने की पेशकश की गई है। एक लाख मिल भी चुके हैं।
यह सब कानपुर निवासी मोहम्मद करीम खान का किया-धरा है। वह मूलत: पाकिस्तानी है और रामकुमार तिवारी उर्फ कानपुर वाले उर्फ बानू लाइट के छद्म नाम से गोपाल नगर में रहता है।
लिखावट-भाषा से पत्र लिखने वाला कम पढ़ा लिखा प्रतीत हो रहा है। उसने अपने अपहृत बच्चे को न छुड़ाए जाने पर 30 नवंबर को बम विस्फोट कर देने की चेतावनी दी है।