सऊदी में बैठे पति ने वाट्सएप से मैसेजकर पत्नी को तलाक दे दिया है। पति का वाट्सएप संदेश पढ़ पत्नी हैरान है। विकलांग बच्ची को लेकर पत्नी न्याय की आस में दर-दर भटक रही है। वाट्सएप के जरिए इस अनोखे तलाक की मान्यता को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु भी असमंजस में हैं। उनका कहना है कि तलाक लिखित रूप में दिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए तीन चरणों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मामला सदर थाना क्षेत्र के एक गांव है।
नगर के एक मोहल्ला निवासी तस्लीम का निकाह थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी उच्च शिक्षित युवक से पांच वर्ष पूर्व हुआ था। तस्लीम का आरोप है कि शादी में पर्याप्त दहेज देने के बाद भी ससुराल के लोग उसे प्रताड़ित करते रहे हैं। उससे दहेज में और रकम की मांग की जा रही थी। इसे लेकर उसने पूर्व में भी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच एक बेटी भी हुई, जो हाथ और पैर से विकलांग है।
करीब दो वर्ष पूर्व पति दुबई चला गया। वह दिल्ली में बच्ची का इलाज करा रही थी, इसी बीच एक सप्ताह पूर्व उसके मोबाइल पर पति ने वाट्सएप पर तलाक का मैसेज किया। इससे पढ़ने के बाद वह सिद्धार्थनगर लौट कर न्याय की आस में भटक रही है। पीड़िता ने पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई है।
इस संबंध में एएसपी मंशाराम गौतम का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी पड़ताल कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। उधर, वाट्सएप पर तलाक दिए जाने के मामले में सदर मस्जिद के हाफिज अब्दुल्ला का कहना है कि लिखित रूप से भी तलाक दिया जा सकता है, मगर इस प्रक्रिया को तीन बार में पूरा करना होगा।