संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
रमजान के मुकद्दस माह के आखिरी शुक्रवार को जुमा अलविदा की नमाज इस बार कोरोना के चलते घरों में ही अदा की गई। इस दौरान शहर की मस्जिदों में कोरोना के नियमों का पालन करते हुए चंद लोगों ने ही नमाज अदा की। मुस्लिम समाज के लोगों ने परवरदिगार से कोरोना महामारी के खात्मे की दुआ की।
जिले में भी इन-दिनों कोरोना संक्रमण पूरे शबाब पर है। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन लगाया गया है। शुक्रवार की दोपहर को जुमा अलविदा की नमाज मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में अदा की। इस मौके पर कोरोना के खात्मे की दुआ की।
इसके अलावा किला गेट, मधुगढ़ी, लाला का नगला, नाई का नगला, खंदारी गढ़ी, कैलाश नगर, सिकंदर तकिया और कैलाश नगर आदि मस्जिदों में मुस्लिम समाज के चंद लोगों ने ही नमाज अदा की। शेष लोगों ने घरों पर ही नमाज अदा की।
इसमें डॉ. रईस अहमद अब्बासी, मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर हाजी रिजवान अहमद कुरैशी , कुर्बान अली शहजादा, सईद कुरैशी, शहजादे खान, युसूफ पहलवान, मौलाना मुकीम रजा, हाफिज नदीम हुसैन, इमाम जमील अहमद, सुलेमान खान, साबिर हुसैन आदि रहे।
13 व 14 को मनेगा ईद का त्योहार
मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर हाजी रिजवान अहमद कु्रैशी ने कहा है कि ईद-उल-फितर का त्योहार चांद दिखने पर 13 या 14 मई को मनाया जाएगा। समाज के लोग कोरोना महामारी के चलते शासन के आदेशों का पालन करते हुए नमाज घरों पर ही अदा करें। मास्क जरूर पहनें और दो गज की दूरी भी बनाए रखें।