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ओडीएफ गांवों के सत्यापन में झोल

Sun, 09 Jun 2019 12:22 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
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गांव कैमार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से बने शौचालयों की बदतर स्थिति। - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। शासन के निर्देश पर छह माह पूर्व खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) हुए गांवों का द्वितीय चरण का सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। टीमों की सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार गांवों में शत-प्रतिशत शौचालयों का प्रयोग किया जा रहा है और शौचालयों के निर्माण की स्थिति भी बेहतर है। गांव कैमार में बने शौचालयों ने सत्यापन रिपोर्ट पर एक सवाल खड़ा कर दिया है।
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जिले के 166 गांवों के द्वितीय चरण में ओडीएफ होने के बाद जिला स्तर से इनकी स्थिति का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान शौचालय की वर्तमान स्थिति, शौचालयों के प्रयोग की स्थिति आदि की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सत्यापन के लिए जिला स्तरीय टीमें एसबीएम ग्रामीण की ओर से लगाई गई हैं। इन टीमों ने सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया है। सत्यापन रिपोर्ट डीपीआरओ कार्यालय में आने लग गई हैं। अब तक करीब 50 गांवों की सत्यापन रिपोर्ट आ चुकी है।

हैरानी की बात यह है कि इन रिपोर्ट को देखें तो सभी गांवों में शौचालयों का शत प्रतिशत प्रयोग किया जा रहा है और वर्तमान में शौचालयों की स्थिति बेहतर भी है। हालांकि अभी इस सत्यापन के बाद मंडल स्तरीय सत्यापन भी होगा। मंडलीय सत्यापन में जिला स्तर से होने वाले सत्यापन का भी खुलासा होगा। गांव कैमार में बने शौचालयों की वर्तमान स्थिति ने सत्यापन रिपोर्ट की कलई खोलकर रख दी है। ग्रामीणों ने तो गांव में बने शौचालयों में मानकों का प्रयोग न होने की बात कही है। डीपीआरओ बनवारी सिंह का कहना है कि अभी जिला स्तरीय सत्यापन रिपोर्ट आ रही है। रिपोर्ट के आने बाद मंडलीय टीम से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन रिपोर्ट में अभी तक शत प्रतिशत शौचालयों के प्रयोग की स्थिति सामने आई है।
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