परिजन दिल्ली से शव लेकर सीधे पंप पर पहुंचे, इसके बाद यहां काफी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। सिकंदराराऊ से युवक के ससुराल पक्ष के लोग भी पहुंच गए थे। यहां ग्रामीणों ने पंप सीज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा किया।
सीओ ने ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीण जैसे-तैसे शव लेकर गांव के मोड़ पर पहुंचे। फिर यहां एकत्रित हो गए। इस बीच उच्च अधिकारियों से भी बात की गई। पुलिस ने परिजनों को एफआइआर की कॉपी दिखाई, जिसके आधार पर जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। लगभग चार घंटे चले हंगामे के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में शव का अंतिम संस्कार हुआ।
शिकायत मिलने ही सोमवार को प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। परिजन कार्रवाई को लेकर आक्रोशित थे, जिन्हें आश्वासन दिया गया है। जल्द ही गिरफ्तारी कर मामले में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की परिवार के प्रति सहानुभूति है।-योगेंद्र कृष्ण नारायण, सीओ सिटी
घटना की सूचना मिली है। अभी पूरे प्रकरण की जानकारी कर रहे हैं, जिसके बाद कुछ कहा जा सकता है।-अमित पांडेय, सेल्स ऑफिसर आईओसी
गत 2 दिसंबर की दोपहर करीब 12बजे शैलेंद्र बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोशन के इगलास रोड पंप पर गए थे। पंप एक ही सेल्समैन था और वह वाहनों में पेट्रोल डाल रहा था, साथ ही रुपये भी ले रहा था। सेल्समैन ने आगे वाले वाहन में पेट्रोल भरने के लिए पाइप का नोजल बाइक की टंकी में लगाकर लॉक कर दिया और छोड़ दिया। इसी दौरान पाइप खिंचने से नोजल निकल गया और पेट्रोल पीछे बाइक सवार शैलेंद्र पर गिर गया। बाइक के इंजन पर पेट्रोल गिरने से उसमें आग लग गई और शैलेंद्र भी आग की लपटों में घिर गया था। तभी से उनका सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में उपचार चल रहा था।
इकलौते बेटे का शव देख बेहोश हुई मां
इकलौते बेटे का शव आते ही मां बदहवास हो गईं। वे हंगामे के दौरान ही रोते-रोते वह बेहोश हो गईं। परिजनों ने उन्हें संभाला। इधर घर पर पत्नी अनुराधा का भी रो-रो कर बुरा हाल था। वह भी बार-बार सदमे में जा रही थीं। परिवार की हालत देख ग्रामीणों की आंखों में भी आंसू थे। शैलेंद्र अकेला बेटा था। चार साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसे अपने पीछे तीन साल का बेटा है तथा डेढ़ साल की बेटी को छोड़ा है।