आगरा रोड बस स्टैंड के निकट मीट की दुकानों पर डाले गए पर्दे।
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प्रदेश में योगी सरकार की सख्ती के बाद अवैध कट्टी घरों पर प्रदेश भर में पुलिस-प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने का खौफ हाथरस में भी दिखाई दिया। शहर में अब तक खुलेआम मांस बेचा जाता था। योगी सरकार बनने के बाद मांस की बिक्री में कमी आई है। खुले में पशु-पक्षियों का कटान भी बंद हो गया है।
शहर के जिन इलाकों में खुलेआम मांस बेचा जाता है, गंदगी और भीषण बदबू के कारण लोग मुंह पर कपड़ा ढक कर निकलते हैं। कुछ दिन पूर्व तक शहर में पशु-पक्षियों का कटान सड़क के सहारे ही खुले में होता था, लेकिन अब इस पर अंकुश लग गया है। दुकानों पर खुले में मीट रखकर नहीं बेचा जा रहा। कुछ मीट विक्रेताओं ने कार्रवाई के डर से अपनी दुकानों पर कपड़े के पर्दे और चटाई भी लगा ली हैं, जिससे अब दुकानों के सामने से होकर गुजरने वाले लोगों को मीट नहीं दिखाई देता।
नगर पालिकाध्यक्ष डौली माहौर ने कहा कि शहर में कट्टी घर संचालन और मांस बिक्री का किसी पर लाइसेंस नहीं है और न ही किसी को पालिका द्वारा एनओसी जारी की गई है। अवैध रूप से मांस की बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए बुधवार को ही अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।