हाथरस तहसील क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में नकल कराने के लिए दीवारों पर चढ़ते युवक।
- फोटो : अमर उजाला
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के दौरान पुलिस फोर्स की कमी का बाहरी तत्व फायदा उठा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों के बाहर नकल कराने वालों की भीड़ लगी रहती है, जो केंद्र व्यवस्थापकों के लिए मुसीबत है। मंगलवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सादाबाद, सहपऊ, हाथरस और मुरसान ब्लॉक के कई परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने में सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है। अफसोस की बात है कि सरकारी सचल दलों की नजरें इन तक नहीं पहुंच रही हैं। सवाल यह है कि क्या वाकई सचल दलों को नकल का यह खुला खेल नहीं दिख रहा या फिर वह इसे जानबूझकर नहीं देखना चाहते।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा केंद्र व्यवस्थापकों को सहयोग नहीं किया जा रहा है। अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर काफी कम पुलिस फोर्स होने के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर से नकल देने के प्रयास करने वाले लोग केंद्र व्यवस्थापकों के लिए मुसीबत बन गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर मंगलवार को भी शाम की पाली में नकल देने के लिए लगातार परीक्षा केंद्र के भवन के पीछे से जंगले एवं खिड़की एवं टूटी हुई दीवारों से प्रयास करते देखे गए, जबकि डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों को साफ निर्देश दिए हैं कि इन बाहरी तत्वों से सख्ती से निपटा जाए, लेकिन पर्याप्त पुलिस फोर्स नहीं होने के कारण केंद्र व्यवस्थापक इनका विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।