यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधीकरण का नक्शा।संवाद
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यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने महायोजना 2041 पर कार्य शुरू कर दिया है। इसमें आने वाले हाथरस जिले 421गांवों में भू-उपयोग परिवर्तन रोक लगा दी गई है। जल्द इन गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे छह जिलों गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और आगरा के गांवों को महायोजना 2041 में शामिल किया है। अलीगढ़ में लॉजिस्टिक पार्क और अर्बन सेंटर, मथुरा में हैरिटेज सिटी परियोजना पर काम चल रहा है। इसके बाद हाथरस में नया शहर बसाने की योजना है। इसको देखते हुए हाथरस जिले के सदर, सादाबाद और सासनी तहसील के 421 गांवों में भूमि अधिग्रहण की धारा 80 व 143 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इन गांवों में औद्योगिक और आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएगी।
यीडा ने अलीगढ़, आगरा, मथुरा और हाथरस को मास्टर प्लान 2031 में भी शामिल किया था। लेकिन इस पर काम शुरू नहीं हो पाया था। अब नई महायोजना में शामिल करने के बाद इस पर काम शुरू किया जा रहा है।
किस तहसील के कितने गांव शामिल
तहसील गांव
सादाबाद 127
हाथरस 215
सासनी 79
वर्जन
जनपद के औद्योगिक विकास के लिए यीडा ने महायोजना 2041 को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। कई बड़े कदम उठाए जा रहे है, इससे हाथरस में औद्योगिक विकास की गति तेज होगी। अजलेश कुमार, उपायुक्त, जिला उद्योग केन्द्र, हाथरस