कई दिन तक काम कराने के बाद ठेकेदार ने 14 मजदूरों को उनका करीब 38 हजार रुपये का मेहनताना यह कहकर देने से मना कर दिया कि ठेके में उसे घाटा हो गया है।
हजारों की मजदूरी नहीं मिलने से निराश मजदूरों ने शनिवार को समाधान दिवस में सदर कोतवाली पुलिस से मदद की गुहार लगाई। इस पर कोतवाली पुलिस ने कहा कि ठेकेदार कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र में रहता है, इसलिए मजदूरों को वहीं मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार ने जिस काम की मजदूरी देने से इंकार किया है, वह सदर कोतवाली क्षेत्र में हुआ है।
मजदूरों ने बताया कि नया नगला, रुहेरी निवासी आरोपी ठेकेदार ने बालापट्टी में इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने, नाली निर्माण के अलावा घंटाघर चौक, सदर कोतवाली के पास दालमिल आदि जगहों पर उनसे मजदूरी कराई। संजू ने 5275 रुपये, अशोक कुमार ने 1750, मूलचंद्र ने 5000, सतीश ने 4250, रामकिशन ने 3700, रिंकू ने 750, मुनेश ने 1000, प्रकाश ने 2500, तेजवीर ने 2175, लालाराम ने 5000, राकेश ने 500, दयाराम ने 1300, भूरा ने 250 निवासीगण रुदायन, सासनी व रुहेरी निवासी राजबहादुर ने 4150 रुपये की मजदूरी की।
मजदूरों का आरोप है कि जब ठेकेदार से मजदूरी की रकम जो कि करीब 38 हजार रुपये होती है, मांगी गई तो उसने देने से मना कर दिया। ठेकेदार ने कहा कि उसे ठेका एक बड़े ठेकेदार ने दिया था। इसमें उसे काफी घाटा हो गया है।
मजदूरों ने जब बड़े ठेकेदार से बात की तो उसने घाटा होने जैसी बात से इंकार कर दिया। इस पर मजदूरों ने आरोपी ठेकेदार पर रकम देने के लिए दोबारा दबाव बनाया तो आरोपी लड़ने पर आमादा हो गया और कहा कि जो करना है कर लो, मैं मजदूरी की रकम नहीं दूंगा। पुलिस में शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा दूंगा।
समाधान दिवस में शिकायत के बावजूद मजदूरों की शिकायत पर कोई गौर नहीं किया गया। हाथरस गेट पुलिस ने भी मामले की जांच की बात कहकर फिलहाल कार्रवाई से इंकार कर दिया है। इस संबंध में सदर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है।