नवंबर से पहले पुल बनने के आसार नहीं
शहर के व्यस्त तालाब चौराहे पर कई दशकों से चली आ रही ओवर ब्रिज की मांग पर अब लंबे समय बाद काम शुरू होने जा रहा है। लोगों को ओवरब्रिज के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए नगर पालिका ने भी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सेतु निगम ने नगर पालिका प्रशासन को अंडरग्राउंड जाने वाली पेयजल आपूर्ति व सीवर लाइनों के संबंध में रिपोर्ट मांगी हैं और यह भी कहा है कि ओवरब्रिज की जद में आने वाली सीवर व पाइन लाइनों को शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाए।
बिजली अधिकारियों से भी इस रोड पर लगे बिजली के खंभों और लाइनों की शिफ्टिंग के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। नगर पालिका व जल निगम के अधिकारियों ने अपने पाइप, खंभे और नाले-नालियों का सर्वे कर लिया है। इसी सप्ताह सेतु निगम के अधिकारी तालाब चौराहे का पालिका अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने आएंगे, जिसके बाद सर्वे की फाइनल रिपोर्ट सेतु निगम को भेजी जाएगी।
ओवरब्रिज की जद में 400 मीटर क्षेत्र
तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज के लिए आगरा व अलीगढ़ राजमार्ग पर 400-400 मीटर दूरी तक क्षेत्र को चिह्नित किया जाना है। आगरा रोड पर चिंताहरण मंदिर के पास तक और अलीगढ़ रोड पर गांधी पार्क गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार तक ओवरब्रिज की सीमा आएगी।
अतिक्रमण हटाने को नोटिस हो रहे तैयार
ओवरब्रिज निर्माण से पूर्व नगर पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण को भी चिह्नित करना शुरू कर दिया है। ओवरब्रिज की जद में जितने भी अवैध अतिक्रमण व दुकानें आ रही हैं वह सभी टूटेंगी। अतिक्रमण हटाने से पहले नगर पालिका प्रशासन सभी को नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
ओवरब्रिज के लिए सीवर और पेयजल आपूर्ति की अंडरग्राउंड लाइनों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ओवरब्रिज की जद में आने वाली लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। आगरा और अलीगढ़ रोड पर 400 मीटर तक अतिक्रमण व दुकानें चिह्नित की जा रही हैं, जिन्हें पहले नोटिस भेजे जाएंगे। राज्य सेतु निगम के अधिकारियों के साथ शीघ्र ही मुआयना भी किया जाना है। - केके अग्रवाल, जेई, नगर पालिका हाथरस