रेलवे लाइन के उत्तर में
- मोहल्ला श्रीनगर, कैलाश नगर, मोहल्ला नई दिल्ली, रमनपुर, नगला तुंदला, नगला अलगर्जी रोड, लेबर कॉलोनी, गिर्राज कॉलोनी आदि।
रेलवे लाइन के दक्षिण में
- मोहनगंज, पंजाबी मार्केट, रामलीला ग्राउंड, मुरसान गेट, डाकखाने वाली गली, नवीपुर, कंचन नगर, चामड़ गेट, भूरापीर चौराहा, गोपाल धाम चौराहा, सरकूलर रोड आदि इलाके।
रेलवे लाइन बन रही बाधा
जल निगम द्वारा कराए जा रहे ग्रेडिएंट सर्वे में यह बात सामने आई है कि आधे शहर का गंदा पानी जलेसर रोड स्थित मुख्य निकासी केंद्र तक पहुंचाना एक टेढ़ी खीर है। रेलवे लाइन के कारण पानी के प्राकृतिक ढलान में व्यवधान आ रहा है। यदि ढलान सही नहीं बना तो करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पानी की निकासी सुचारू नहीं हो पाएगी। शहर का ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करने में यह सबसे बड़ी बाधा है। इसलिए सर्वे का कार्य भी फिलहाल रुक गया है।
यह विकल्प तलाश रहे इंजीनियर
जलकल विभाग के जेई हर्षवर्धन ने बताया कि विकेंद्रीकृत ड्रेनेज पर विचार किया जा रहा है। पूरे शहर का पानी एक ही दिशा (जलेसर रोड) में ले जाने के बजाय, शहर को अलग-अलग जोन में बांटा जा सकता है। जो हिस्सा रेलवे लाइन के जिस तरफ है, उस तरफ के पानी को वहीं गंदे नाले से जोड़ा जाए, लेकिन इसके लिए एक और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अतिरिक्त रेलवे के साथ मिलकर ट्रैक के नीचे आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट (चौकोर नाला) बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। जिसमें रेलवे की एनओसी लेनी होगी और रेलवे ट्रैक के नीचे नाला बनाना होगा। जिसमें तकनीकी चुनौतियां सामने आएंगी।