महिला जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार, जताई कड़ी नाराजगी
नोडल अधिकारी ने किया बागला महिला जिला अस्पताल का निरीक्षण
खून संबंधी जांच को लेकर पूरी रिपोर्ट की तलब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। महिलापरक योजनाओं व कार्यक्रमों की नोडल अधिकारी ईशा दुहन ने बागला महिला जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में अव्यवस्थाओं का अंबार व साफ-सफाई नहीं मिलने पर नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। वहीं नोडल अधिकारी द्वारा पूछे गए कई सवालों के जवाब के नाम पर चिकित्सकों ने चुप्पी साध ली।
नोडल अधिकारी ने महिला अस्पताल में बने एनआरसी सेंटर का निरीक्षण किया। सेंटर में एक ही बच्चा मिला। वहीं इस दौरान एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि बिल रुबिन (नवजात की पीलिया की ब्लड संबंधी रिपोर्ट) बागला अस्पताल में लैब से आती है। इस रिपोर्ट में अक्सर सभी बच्चों की रिपोर्ट एक जैसी पाई जाती है, जिसके कारण अंदाजे से इलाज दिया जाता है। इस बात को सुन कर नोडल अधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि अंदाजे से इलाज देना यह तरीका गलत है।
उन्होंने इस संबंध में पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया। इसी क्रम में केएमसी वार्ड का निरीक्षण किया। यहां शौचालय में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। यहां भर्ती महिला मरीजों के लिए हाथ धोने के लिए साबुन तक नहीं मिला। इस वार्ड की जिम्मेदारी किसी भी जिम्मेदाराना अधिकारी पर नहीं मिली। इस संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सक व सीएमओ ने चुप्पी साध ली। यहां मरीजों के दर्ज नामों के रजिस्टरों का अवलोकन किया। वहीं अल्ट्रासाउंड कमरे में टोकन सिस्टम शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी मरीज पहले आए, उसका पहले अल्ट्रासाउंड होना चाहिए। अस्पताल परिसर में अव्यवस्थाओं पर खफा रही।