महिलाओं के साथ मारपीट की खबर के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने शराब की दुकान को चारों तरफ से घेर लिया। महिलाओं के उग्र तेवर देख कोतवाल ठेके के अंदर घुस गए। बाद में मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे महिलाओं को बातों में उलझाया और कोतवाली प्रभारी को पुलिस वाहन में बैठाकर वहां से सुरक्षित निकाला। आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस के वाहन का भी पीछा किया। बाद में आबकारी विभाग, पुलिस और क्षेत्रीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को ठेका हटवाए जाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
गांव बस्तोई में महिलाओं ने शराब ठेके को हटाने के लिए हंगामा किया था और शराब बाहर फेंक दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर केवल समझाने-बुझाने का प्रयास किया था। महिलाओं के साथ मारपीट के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। महिलाओं को समझाकर शांत कराया है।- मनीष कुमार चिकारा, कोतवाली प्रभारी हसायन
बस्तोई में प्रदर्शन के दौरान दुकान में रखी लगभग 50 पेटी देसी शराब बाहर निकालकर सड़क पर फेंककर नष्ट कर दी गई, दुकान में रखी 80 हजार रुपये की नकदी भी गायब हो गई तथा अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना में कुल 2.62 लाख की आर्थिक क्षति हुई है। प्रकरण में 19 व्यक्तियों व अन्य के विरुद्ध थाना हसायन में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।- कृष्ण मोहन, जिला आबकारी अधिकारी, हाथरस