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Good News: मास्टर प्लान-2041 से बदलेगी हाथरस की तस्वीर, बनेगा हाईटेक औद्योगिक शहर, मिलेंगी नौकरियां

Mon, 29 Jun 2026 01:53 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

मास्टर प्लान-2041 में अर्बन सेंटर को चार हिस्सों में विकसित करने की योजना है। सबसे बड़ा क्षेत्र उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगा। यहां भारी उद्योग और विनिर्माण इकाइयां स्थापित होंगी। कर्मचारियों और आम लोगों के लिए आधुनिक आवासीय सेक्टर, किफायती आवास और बहुमंजिला सोसायटियां बनाई जाएंगी।
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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मास्टर प्लान-2041 पर काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे फेज-2 में हाथरस को आधुनिक हाईटेक अर्बन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य हाथरस को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्रों में शामिल करना है। इससे निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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यीडा चार प्रमुख अर्बन नोड्स विकसित कर रहा है। इनमें अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस शामिल हैं। हाथरस को इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए हाथरस और सासनी तहसील के 50 से अधिक गांव अधिसूचित किए गए हैं। करीब चार हजार हेक्टेयर यानी लगभग 10 हजार एकड़ क्षेत्र में नया शहर बसाया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड को मिली है। जीआईएस तकनीक की मदद से शहर का सुनियोजित विकास होगा।

कॉमर्शियल टावर, होटल, मॉल, लॉजिस्टिक्स पार्क बनाए जाएंगे
मास्टर प्लान-2041 में अर्बन सेंटर को चार हिस्सों में विकसित करने की योजना है। सबसे बड़ा क्षेत्र उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगा। यहां भारी उद्योग और विनिर्माण इकाइयां स्थापित होंगी। कर्मचारियों और आम लोगों के लिए आधुनिक आवासीय सेक्टर, किफायती आवास और बहुमंजिला सोसायटियां बनाई जाएंगी। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कॉमर्शियल टावर, होटल, मॉल, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउस विकसित होंगे। पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर रहेगा। कुल क्षेत्रफल के 15 प्रतिशत से अधिक हिस्से को ग्रीन बेल्ट और खुले क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।

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भविष्य में ताजनगरी के सैटेलाइट टाउन के रूप में भी विकसित करने की योजना
प्रस्तावित अर्बन सेंटर की सबसे बड़ी ताकत इसकी रणनीतिक स्थिति होगी। यह नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (जेवर) के कैचमेंट एरिया में स्थित है। यीडा यहां एक्सप्रेस रोड नेटवर्क भी तैयार कर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे-93, बरेली-मथुरा हाईवे और स्टेट हाईवे-33 से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। आगरा के निकट होने के कारण इसे भविष्य में ताजनगरी के सैटेलाइट टाउन के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे आगरा पर बढ़ रहा औद्योगिक दबाव कम होगा।

10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
हाथरस के पारंपरिक और एमएसएमई उद्योगों को भी इस परियोजना का लाभ मिलेगा। जिले की 10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत प्रसिद्ध हींग और गुलाल उद्योगों को आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण और निर्यात सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच आसान होगी। रेडीमेड गारमेंट्स, कांच के मोती, पीतल के आभूषण, मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों के लिए विशेष औद्योगिक ब्लॉक विकसित होंगे। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज और डेयरी उद्योगों को भी प्राथमिकता मिलेगी।

रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
यीडा ने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। परियोजना पूरी होने पर हाथरस प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल होगा। स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।
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