भविष्य में ताजनगरी के सैटेलाइट टाउन के रूप में भी विकसित करने की योजना
प्रस्तावित अर्बन सेंटर की सबसे बड़ी ताकत इसकी रणनीतिक स्थिति होगी। यह नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (जेवर) के कैचमेंट एरिया में स्थित है। यीडा यहां एक्सप्रेस रोड नेटवर्क भी तैयार कर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे-93, बरेली-मथुरा हाईवे और स्टेट हाईवे-33 से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। आगरा के निकट होने के कारण इसे भविष्य में ताजनगरी के सैटेलाइट टाउन के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे आगरा पर बढ़ रहा औद्योगिक दबाव कम होगा।
10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
हाथरस के पारंपरिक और एमएसएमई उद्योगों को भी इस परियोजना का लाभ मिलेगा। जिले की 10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत प्रसिद्ध हींग और गुलाल उद्योगों को आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण और निर्यात सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच आसान होगी। रेडीमेड गारमेंट्स, कांच के मोती, पीतल के आभूषण, मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों के लिए विशेष औद्योगिक ब्लॉक विकसित होंगे। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज और डेयरी उद्योगों को भी प्राथमिकता मिलेगी।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
यीडा ने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। परियोजना पूरी होने पर हाथरस प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल होगा। स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।