अनावश्यक बिजली कटौती को लेकर शासन सख्त है। शासन के आदेश हैं कि 15 मिनट से अधिक समय तक बिजली गुल होने पर अब संबंधित अभियंताओं को लिखित में इसका जवाब देना होगा। शहरी क्षेत्र में फॉल्ट होने पर इसे तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन ने आदेश दिए हैं कि आवासीय क्षेत्र में अगर 15 मिनट भी बिजली गुल हुई तो फॉल्ट तत्काल दूर किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में पांच मिनट से अधिक समय के लिए सप्लाई कटने पर जिम्मेदारों को जवाब देना पड़ेगा। हर दिन बिजली कटौती की रिपोर्ट दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) को भेजी जाएगी। विद्युत विभाग की ओर से विशेष अनुरक्षण माह चलाया जा रहा है। भीषण गर्मी शुरू होने से पहले फीडर पर अनुरक्षण कार्य किया जा रहा है। एबीसी केबल, जंपर, सीटी और फीडरों को भी ठीक कराया गया। कुछ ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों के साथ अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर भी लगाए गए।
अब जब तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है तो ज्यादातर घरों में पंखे और एसी चलने लगे हैं। इस कारण ट्रांसफॉर्मर, फीडर और सब स्टेशन पर पड़ रहे भार की अधिकारियों ने निगरानी शुरू कर दी है। बीते कई महीनों से चल रहा अनुरक्षण कार्य अभी भी जारी है। अप्रैल में भी अनुरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। जिले के प्रत्येक खंड में एक्सईएन, एसडीओ और जेई को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिना वजह आपूर्ति बाधित रखने पर संबंधित की जवाबदेही तय होगी।
बिना कारण आपूर्ति में कटौती नहीं हो सकेगी। संबंधित अधिकारी की सीधे जिम्मेदारी तय की जाएगी। लोकल फाॅल्ट भी तत्काल दूर कराए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके।
-मनीष कुमार, अधीक्षण अभियंता हाथरस।