हाथरस। अलीगढ़ रोड पर शुक्रवार को नहर के निकट बैग के अंदर पड़ी मिली बच्ची लगातर तीसरे दिन भी पुलिस सुरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती रही। नगला सिंगी की महिला ने ही इस बच्ची को दुग्धपान कराया। चिकित्सक भी समय-समय पर बच्ची के स्वास्थ्य का जायजा लेते रहे।
लावारिस अवस्था में मिली इस बच्ची को गोद लेने के लिए शनिवार के बाद रविवार को भी जिला अस्पताल में काफी लोगों की भीड़ उमड़ी, लेकिन इस बच्ची को अस्पताल में ही भर्ती रखा गया। शनिवार को तहसील परिसर में बाल संरक्षण समिति ने 11 लोगों के साक्षात्कार लिए थे। रविवार को भी यही प्रक्रिया जारी रही। समिति ने रविवार को भी इस बच्ची को सुपुर्दगी में देने के लिए कलेक्ट्रेट में करीब 15 लोगों के साक्षात्कार लिए। साक्षात्कार के बाद समिति ने तीन लोगों का चयन किया और इन तीनों के घर जाकर यह चेक किया कि यह लोग इस बच्ची के लालन पालन के काबिल हैं भी या नहीं। वहां का माहौल कैसा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. रामप्रवेश ने बताया कि चयनित किए गए तीन लोगों में से किसी एक को सोमवार की शाम तक बच्ची को चार माह की सुपुर्दगी में दे दिया जाएगा। उसके बाद जिला जज ही इस मामले में कोई अंतिम निर्णय लेंगे।
दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए हाथरस। पर्यावरण सुरक्षा संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भवतोष मिश्र ने कहा कि प्रशासन को बैग में मिली नवजात कन्या प्रकरण के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रुक सके।