सरकार के छात्र संघ चुनाव को हरी झंडी दिखाने से छात्र नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। छात्र नेताओं के मुताबिक संघ के गठन से छात्रों को अभिव्यक्ति का मंच मिल सकेगा। उनकी समस्याओं को उठाने और हल कराने के लिए साथी छात्रों का नेतृत्व अस्तित्व में आ सकेगा जो छात्रों की समस्याओं से ज्यादा बेहतर तरीके से वाकिफ है। छात्र संघ चुनाव को मंजूरी मिलते ही तमाम छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं और चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं।
कॉलेज प्रशासन की अनुमति का सबको इंतजार है। छात्रों की समस्या उठाने वाले ज्यादातर छात्र नेताओं का कहना है कि शहर के कॉलेज डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से जुडे़ हैं जहां समस्या ही समस्या हैं। कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता, समय पर परीक्षा न होना, परीक्षाफल में देरी और मार्कशीट में त्रुटियां ऐसी प्रमुख समस्या हैं, जिनसे हर छात्र जूझ रहा है। छात्र की समस्या को एक छात्र ही बेहतर तरीके से समझ सकता है। छात्र संघ का लक्ष्य इन समस्याओं का निपटारा कराना है।
चुनाव को लेकर सरकार का कोई आदेश अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। कॉलेज प्रशासन को छात्रसंघ चुनाव से कोई परेशानी नहीं है। जल्द ही विचार-विमर्श के बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा। -आरके शर्मा, कार्यवाहक प्राचार्य, बागला डिग्री कॉलेज
चुनाव में एबीवीपी पूरे जोर-शोर से उतरेगी। लंबे समय से छात्र संघ के न होने से छात्र परेशान हैं और उनकी समस्याआें में लगातार इजाफा होता जा रहा है। एबीवीपी लंबे समय से छात्र संघ चुनाव के लिए प्रयासरत थी। नौ जनवरी को 800 जगह धरना देकर राज्यपाल को ज्ञापन दिया था। उसके बाद यह निर्णय आया है।-राहुल, जिला संगठन मंत्री, एबीवीपी