मौसम में रोज बदलाव हो रहे हैं। कभी घना कोहरा तो कभी गलनभरी सर्दी से लोग बेहाल हैं। शनिवार को शीतलहर ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। सुबह व शाम लोगों ने ठंड से बचने के लिए अलावों का सहारा लिया।
इधर, गरीब व बेसहारा फिर बेहाल रहे। अभी भी काफी गरीबों को कंबल वितरण होने का इंतजार है। पिछले दो दिनों से शीतलहर और ठंड का प्रकोप बढ़ने से अब लोगाें की जुबां पर यही बात है कि अब पड़ रही है ठंड। अभी तक मौसम बिल्कुल ठंडा नहीं हुआ था, लेकिन दो दिन से मौसम खूब ठंडा रहा है। अब लोगों को ठंड का अहसास हुआ तो बाजार में गर्म कपड़ों की खरीदारी में भी इजाफा शुरू हो गया है। दुकानदारों ने काफी गर्म कपड़ों का स्टॉक कर रखा था और उन्हें इस बार स्टॉक बचने की चिंता सता रही थी। दो दिन से गर्म कपड़ों की दुकानदारी में इजाफा हुआ है। ठंड के कारण लोग जगह-जगह आग जलाकर ताप रहे हैं।