हाथरस। डार्क जोन में फर्जी दस्तावेजों से हुए नलकूप कनेक्शन घोटाले की जांच ठंडे बस्ते में पड़ गई है। विद्युत खंड तृतीय में 40 फर्जी नलकूप कनेक्शन पकड़े जाने के बाद दो बाबुओं और एक प्रभारी जेई पर निलंबन की कार्रवाई करने के बाद विभाग ने चुप्पी साध ली है। इधर, विद्युत खंड द्वितीय और चतुर्थ में भी जांच के नाम पर लीपापोती हो रही है। इन खंडों में अधिकारियों को आज तक एक भी फर्जी नलकूप कनेक्शन नहीं मिले।
विद्युत वितरण मंडल हाथरस में हुए इस घोटाले की गूंज शासन तक पहुंच गई थी, जिसके बाद आनन-फानन मेें दो लिपिकों और एक प्रभारी जेई पर निलंबन की कार्रवाई कर दी गई, लेकिन इसके लिए मुख्य रूप से दोषी अधिकारियों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यही नहीं, विद्युत वितरण खंड द्वितीय और चतुर्थ में भी कोई भी फर्जी नलकूप कनेक्शन महकमा आज तक नहीं खोज सका है, यानि कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ लकीर पीटी गई। स्थानीय आला अधिकारी भी इस मामले पर अब कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस बड़े घोटाले की जांच कहीं राजनीतिक दवाब या निजी स्वार्थ की भेंट तो नहीं चढ़ गई। बिजली कर्मचारी संघ ने भी इस घोटाले में दोषी विद्युत अफसरों पर कार्रवाई न होने पर एक जून से महकमे को आंदोलन की चेतावनी दे रखी है। इसके बावजूद विभाग कोई कार्रवाई करने के मूड में दिखाई नहीं दे रहा। इस संबंध में एसई राकेश वर्मा से फोन पर बात करने के प्रयास किए गए तो घंटी जाती रही, लेकिन फोन नहीं उठाया गया।