सादाबाद में गांव नगला छत्ती में तेज आंधी से बिछी गेहूं की फसल को देखता किसान। संवाद
- फोटो : samvad
क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह बारिश के साथ आई आंधी ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बिछा दिया है, जबकि खेतों में नमी आने से आलू की खोदाई रुक गई है। दोबारा खोदाई शुरू करने के लिए किसानों को करीब आठ दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे बिजली कड़कने के साथ पहले बूंदाबांदी हुई और फिर तेज आंधी आई। आंधी से गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह बिछ गई। गेहूं की जो पौध गिरी है, उसमें बालियां निकल रही थीं। किसानों का कहना है कि बारिश से न केवल आलू की खोदाई रुक गई है, बल्कि जहां आलू छोटा है, वहां उसके सड़ने की संभावना पैदा हो जाएगी। जिन खेतों में गेहूं की फसल गिर गई है, वहां दाना काफी पतला हो जाएगा। इसका असर पैदावार में कमी के रूप में सामने आएगा।
मैंने 10 बीघा आलू की फसल की थी। सुबह बारिश और आंधी ने गेहूं की फसल को जमीन पर बिछा दिया है। उसका दाना काफी पतला हो जाएगा और पैदावार कम होगीं।
-भगवान सिंह कुशवाहा, सहपऊ
बारिश के बाद आलू की खोदाई का काम अब बंद कर दिया है। दोबारा खोदाई शुरू करने में कम से कम आठ दिन का वक्त और लग सकता है। जमीन में छोटे आलू के सड़ने की संभावना बन जाएगी।
-ओंकार सिंह, नगला सेवा