हाथरस। सिकंदरपुर के कु एं के पानी से रोगों के ठीक होने की उम्मीद में भले ही हजारों की संख्या में लोग गांव पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकार की जांच में कुएं का पानी फिट नहीं मिला है। प्रशासन की जांच में कुएं के पानी में ऐसा कोई तत्व नहीं मिला, जो रोगों को ठीक करने के लिए जरूरी हो। इस पानी में नाइट्रेट की मात्रा शुद्ध पानी के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा है। इससे पहले भी एक निजी कंपनी की जांच में कुएं के पानी में टीडीएस की मात्रा तीन गुना ज्यादा पाई गई थी। जांच टीम के मुताबिक इस पानी के नियमित इस्तेमाल से कई गंभीर बीमारियों के होने का खतरा है।
कुएं के पानी के बीमारियों को ठीक करने के दावे के बाद प्रशासन ने इसकी गुणवत्ता की जांच कराने का निर्णय लिया था। डीएम अविनाश कृष्ण के निर्देश पर जल निगम ने इसकी जांच की। जल निगम के अधिशासी अभियंता वीके खंडेलवाल के मुताबिक शुद्ध पानी में नाइट्रेट की अधिकतम मात्रा 45 मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए। इससे अधिक नाइट्रेट शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होता है। कुएं के पानी में यह मात्रा 54 मिलीग्राम प्रति लीटर है, जो 20 फीसदी ज्यादा है। जिला अस्पताल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अमन के मुताबिक पानी में फ्लोराइड और आर्सेनिक के बाद नाइट्रेट का प्रदूषण सेहत के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। नाइट्रेट की अधिकता से कैंसर होने की आशंका रहती है। 54 ग्राम प्रति मिलीलीटर की मात्रा से वयस्कों को ज्यादा खतरा नहीं है, लेकिन बच्चों में मिथेग्लोबेमिया और ब्लूबेबीस जैसी बीमारी हो सकती है। साथ ही ब्लड वेस्कुलर सिस्टम को भी नुकसान पहुंच सकता है।
गांव पहुंचे एसपी, सुरक्षा का जायजा लिया
एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा सोमवार को सिकंदरपुर पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। एसपी ने बताया कि बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने के कारण महिला पुलिस को तैनात किया गया है। इसके अलावा कुएं में कोई नहीं गिरे, इसके लिए कुएं की बेरीकेडिंग की गई है और उसके पास पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी ने कुएं के पानी से जुड़ी लोगों की आस्था पर कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था को बनाए रखना है।
देशभर में सुर्खियां बटोर रहा सिकंदरपुर
सिकंदरपुर के कुएं से रोगों के ठीक होने का दावा कुछ लोगों के किए जाने के बाद सोमवार को कई टीवी चैनल यहां पहुंचे और देर तक लाइव प्रसारण किया गया। इस दौरान कई लोगों से पत्रकाराें ने बात की, जिनमें से कुछ ने रोगों से फायदा होने की बात कही, वहीं कुछ लोगों ने राहत मिलने से इंकार किया। टीवी चैनलों के लाइव प्रसारण के बाद कुछ ही देर में सिकंदरपुर देश भर में सुर्खियों में आ गया। लाइव प्रसारण के बाद चैनलों पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई। हालांकि मीडिया में सुर्खियां बढ़ने से पुलिस-प्रशासन की सिरदर्दी बढ़ सकती है। अभी तक आसपास जिलों के लोग ही कुएं के पानी के चमत्कार को देखने पहुंच रहे थे। अब आशंका है कि दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचेंगे। ऐसे में सुरक्षा इंतजामों को चाक-चौबंद रखते हुए हादसों को रोकने की चुनौती पुलिस-प्रशासन के सामने होगी।
जल निगम अधिकारियों ने फोन पर हमें बताया है कि कुएं के पानी में टीडीएस की मात्रा 600 से अधिक है। इस हिसाब से तो पानी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। पानी में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे बीमारी ठीक हो सकें। बाकी जल निगम से विधिवत रिपोर्ट मिलने पर ही स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक करने के प्रयास किए जाएंगे। जागरूकता से ही इस सबको रोका जा सकता है। फिलहाल मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है। वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। उच्चाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
-केहरी सिंह, एसडीएम सदर
नीली बत्ती वाले भी पहुंच रहे नहाने
ताज्जुब की बात तो यह है कि कुएं के चमत्कार से फायदा लेने वालों की इस भीड़ में आजकल पढ़े-लिखे लोगों का भी जमावाड़ा है। गांव वालों ने कई नीली बत्ती की गाड़ियों में बैठकर आने वालों को भी कुएं के पानी में नहाते हुए देखा है। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने गांव पहुंचे अधिकारियों को भी दी तो वह भी यह सुनकर हैरान रह गए।