भीषण गर्मी के बीच जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था लड़खड़ा रही है। कहीं ट्रांसफाॅर्मर फुंकने से गांव अंधेरे में डूबे हैं तो कहीं अत्यधिक कटौती और लो-वोल्टेज के कारण किसान व ग्रामीण परेशान हैं। बृहस्पतिवार को सहपऊ और विसावर क्षेत्र में बिजली समस्या को लेकर लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया।
सादाबाद क्षेत्र के गांव पल्हावत में तीन दिन से दो ट्रांसफाॅर्मर फुंके पड़े हैं, जिसके चलते पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप है। भीषण गर्मी में ग्रामीणों का हाल बेहाल है। दिनभर लोग पेड़ों की छांव में बैठने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया और जल्द ट्रांसफॉर्मर बदलने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सहपऊ क्षेत्र के मढ़ाका फीडर से जुड़े किसानों एवं ग्रामीणों ने बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर सहपऊ बिजलीघर पर प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि दिन में 10 घंटे आपूर्ति के बजाय मात्र चार घंटे ही बिजली मिल रही है। ऊपर से बार-बार ट्रिपिंग होने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा।
किसानों ने बताया कि लो-वोल्टेज के चलते सबमर्सिबल तक नहीं चल पा रहे हैं, जिससे बाजरा, मूंग, उड़द और ज्वार की फसलें सूखने लगी हैं। किसानों ने आशंका जताई कि समय पर सिंचाई न होने से फसलें बर्बाद हो सकती हैं। ज्वार की फसल में कीड़ा लगने लगा है।
इन सभी लोगों ने चेतावनी दी कि समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर साकेत चौधरी, डॉ. विनोद, ब्रजमोहन, प्रेमवीर सिंह, राकेश कुमार, संजू, बलबीर सिंह, अंबानी, सुभाष चौधरी, गुड्डू पंडित और दिनेश कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण 11 हजार वोल्ट की सप्लाई ट्रांसफाॅर्मरों तक पूरी क्षमता से नहीं पहुंच पा रही है। मढ़ाका फीडर पर वोल्टेज की समस्या है। इसके लिए नए बिजलीघर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके साथ बिसावर के अवर विद्युत अभियंता सौरभ शर्मा का कहना है कि पल्हावत गांव में फुंके हुए ट्रांसफाॅर्मर को जल्द ही बदलवा दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील भी की है कि वह अपने बकाया बिल को समय से जमा करें।