जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के मद्देनजर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने भी सलाह जारी की है। जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने सभी उपजिलाधिकारियों को उनकी तहसील में दैवी आपदा के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्होंने कहा है कि वर्षा, अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जिन ग्रामों एवं शहरी क्षेत्र में अतिवृष्टि व बाढ़ का पानी आ रहा है तो वहां प्रभावित व्यक्तियों के लिए सभी सुविधाएं पूरी कर ली जाएं।
ग्रामीणों के मवेशियों के रहने और उनके चारे की व्यवस्था मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और खंड विकास अधिकारी को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन ग्रामों में पानी 200 मीटर के क्षेत्र में आ गया है, उनका चिह्नीकरण करते हुए सभी ग्रामवासियों को लिखित रूप से अवगत करा दें कि वह ग्राम खाली कराकर प्रशासन द्वारा बनाए गए आश्रय स्थल अथवा सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वह इस आशय का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं कि वर्षा, अतिवृष्टि, बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं भी कोई तार न तो जर्जर हालत में है और न ही नीचे की तरफ झूल या लटक रहा है।
उन्होंने चिकित्सा विभाग से कहा है कि वर्षा, अतिवृष्टि, बाढ़ प्रभावित ग्रामों में मेडिकल टीम गठित कर ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी राजकीय चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाई अलर्ट पर रहें। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पशु टीकाकरण को शत-प्रतिशत कराकर उसका प्रमाणपत्र देंगे।
अधिशासी अभियंता सिंचाई सभी अतिसंवेदनशील एवं संवेदनशील तटबंधों का सुदृढ़ीकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि किसी समस्या के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंट्रोल रूम के नंबर 0522227046 एवं टोल फ्री नंबर 1077 और प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा के मोबाइल नंबर 9454417798, आपदा सहायक के मोबाइल नंबर 9456445032 व आपदा विशेषज्ञ के मोबाइल नंबर 9520782782 पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं।