कमिश्नर की चौपाल में गांव प्रधान तथा सेक्रेटरी के खिलाफ प्रदर्शन् करते ग्रामीण।
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गांव पोरा में उस वक्त बखेड़ा खड़ा हो गया जब कमिश्नर और डीएम के आने से थोड़ी देर पहले तीन गांव के सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष हाथों में तख्तियां लिए गांव प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। तख्तियों पर प्रधान चोर है सेक्रेटरी उसका रिश्तेदार है लिखा हुआ था। कमिश्नर के आने से ऐन पहले उन्हें किसी तरह आश्वासन देकर हटाया गया।
गांव पोरा ग्राम सभा के नगला मंसद, चित्तरपुर, टोडरपुर के सैकड़ों लोग विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान देवेंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में खड़ंजा, नाली न होने से बच्चे पानी में गिर कर जख्मी हो रहे हैं। गांव से निकलने के लिए रास्ता तक नहीं है। जिससे आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन किया। जिसे देख आयोजकों के पसीने छूट गए। लाख समझाने पर भी ये लोग मानने को तैयार नहीं थे। किसी तरह उन्हें आश्वासन देकर पंडाल से हटाया गया।
गोद भराई के लिए पहुंची महिलाएं गर्मी से बेहाल
गोद भराई के लिए बुलाई गई पांच गर्भवती महिलाएं कई घंटे टेंट में प्रतीक्षा करते-करते भीषण गर्मी से घबरा गई उनकी हालत खराब होने लगी। खुले में लाकर उन्हें पानी पिलाया गया तब कहीं जाकर उन्हें चैन आया।