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Hathras News: आगरा में नकली दवा नेटवर्क के खुलासे से बढ़ी सतर्कता

Tue, 28 Jul 2026 12:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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आगरा में बंद फर्मों, निरस्त लाइसेंस और फर्जी बिलिंग के जरिये नकली, एक्सपायरी व सरकारी सैंपलों की तस्करी के बड़े सिंडिकेट का खुलासा होने के बाद यहां भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सतर्क हो गया है। अब विभाग ने जिले के थोक दवा विक्रेताओं, गोदामों और रिटेल काउंटरों की निगरानी बढ़ा दी है।
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आगरा में हाल ही में 3.72 करोड़ रुपये की नामी कंपनियों की नकली व सैंपलिंग दवाओं के अवैध भंडारण और री-लेवलिंग का भंडाफोड़ हुआ है। वहां बंद पड़ी फर्मों के लाइसेंस पर दो से आठ फीसदी कमीशन देकर फर्जी कारोबार चलाया जा रहा था। इस खुलासे को स्थानीय अधिकारी भी गंभीरता से ले रहे हैँ।

सिकंदराराऊ में मिल चुकी हैं सिरप की खाली शीशियां
जिले में दवाओं के अवैध कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों का यह पहला मामला नहीं होगा। पूर्व में सिकंदराराऊ क्षेत्र में 16 जनवरी को पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कूड़े में 34 शीशियां और 17 मार्च को सीएचसी मार्ग पर 149 खाली शीशियां मिली थीं। दोनों मामलों में दवाएं प्रतिबंधित कोडिन श्रेणी की थीं। औषधि विभाग की जांच में सप्लाई चेन उत्तराखंड से जुड़ी हुई। देहरादून की कंपनी तक जांच पहुंची थी, जोकि अभी चल रही है।
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गोदामों और मेडिकल स्टोरों की होगी गहन चेकिंग
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम अब जिले के सभी प्रमुख थोक विक्रेताओं के साथ-साथ संदिग्ध गोदामों की भी जांच करेगी।

एक नजर में
बंद फर्मों और निरस्त लाइसेंसों का सत्यापन : जिले में जिन दवा की दुकानों या थोक फर्मों के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं या जो लंबे समय से बंद चल रही हैं, उनकी विशेष ट्रैकिंग की जाएगी, ताकि उनके नाम पर अवैध बिलिंग न हो सके।

रिटेल काउंटरों पर भी नजर : थोक के साथ-साथ फुटकर दुकानों पर बिक रही दवाओं के बैच नंबर और बिलों का मिलान किया जाएगा।

बोर्ड पर देनी होगी पूरी जानकारी : प्रशासन के निर्देशों के तहत सभी मेडिकल फर्मों को अपने प्रतिष्ठान व गोदाम के बाहर जीएसटी नंबर, लाइसेंस नंबर और संचालक के नाम का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।


आगरा में नामी कंपनियों के नाम पर नकली दवा बेचने का मामला सामने आया था। जिले में किसी भी कीमत पर नकली या अवैध दवाओं की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। थोक व रिटेल दवा विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल अधिकृत और वैध बिलों के साथ ही दवाओं की खरीद-बिक्री करें। फर्मों की जांच शुरू कर दी गई है। संदिग्ध पाए जाने पर जांच के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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-राजकुमार शर्मा, औषधि निरीक्षक
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