ग्रामीणों का कहना है कि गांव के निकट कट नहीं होने से स्थानीय निवासियों को इसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणदायी संस्था ने मथुरा जिले की सीमा में उत्तरी बाईपास पर कई कट बनाए हैं, जिससे वहां के लोगों को सुगमता से आवाजाही की सुविधा मिलेगी, लेकिन सादाबाद की सीमा में आते ही बाईपास पर एक भी कट उपलब्ध नहीं दिया गया है, जिससे यहां के ग्रामीण खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि यदि गढ़ी हरिया के पास कट खोल दिया जाता है तो मिढ़ावली व गढ़ी हरिया सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को सीधे उत्तरी बाईपास से जुड़ने में सुविधा होगी। इससे उनके लिए दिल्ली, नोएडा, जेवर, कानपुर, अलीगढ़ लखनऊ, मथुरा जैसे शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी। समय के साथ ही ईंधन की भी बचत होगी। अभी तक इन गांवों के ग्रामीणों को खंदौली और राया पहुंचकर ही दिल्ली और लखनऊ का सफर तय करना पड़ता है। ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत मिढ़ावली में बाईपास पर कट दिया जाए तो आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाएगी। एसडीएम मनीष चौधरी का कहना है कि उत्तरी बाईपास पर कट मांग के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
उत्तरी बाईपास को शुरू तो किया जा रहा है, लेकिन इसे शुरू करने से पहले यदि गांव गढ़ी हरिया के निकट कट दिया जाता तो ग्रामीणों को इसका लाभ मिलता।-खेम सिंह, ग्रामीण।
पिछले काफी समय से ग्राम पंचायत मिढ़ावली के ग्रामीण उत्तरी बाईपास पर कट देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -डालू सोलंकी, ग्रामीण।
उत्तरी बाईपास के निर्माण से आस जगी थी कि ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी, लेकिन सादाबाद क्षेत्र में कहीं भी कोई कट नहीं दिया गया।-अशोक, ग्रामीण।