मौसम के मिजाज में तल्खी बढ़ गई है। बुुधवार को पूरी रात शहर और आसपास का क्षेत्र घने कोहरे की चादर से ढका रहा। पूरी रात सड़कों पर ट्रैफिक धुंध के बीच रेंगता रहा। कोहरा इतना घना था कि एक कदम दूर का दृश्य देख पाना भी मुश्किल हो रहा था।
कोहरे के आगे बड़े वाहन चालकों की हिम्मत जवाब दे गई और उन्होंने राजमार्गों के बाहर ही अपने वाहन लाइन से लगा दिए और कोहरा छंटने का इंतजार करते रहे या फिर लाइन लगाकर चलते रहे। हालांकि सुबह मौसम साफ हो गया, लेकिन वातावरण में गलन भरा अहसास बना रहा। पूरी रात सड़कों के किनारे, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर लोग अलाव पर तापते नजर आए। पशु-पक्षी भी अलावों के सहारे सर्दी से जंग लड़ते नजर आए।
सुबह कोहरे ने शहर को अपने आगोश में लिए रखा। बाद में शीतलहरों ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। दोपहर तक मौसम नहीं खुलने से परेशान लोगों ने अलाव के सहारे बैठकर अपने आप को राहत प्रदान की। स्कूल-कॉलेजों और दफ्तरों में उपस्थिति पर भी काफी असर दिखाई दिया। इधर, बसें और ट्रेनें भी कोहरे की वजह से लेट हो गईं। कपड़ा मार्केट में लोग गर्म कपड़े खरीदते नजर आए। हाथरस का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा।
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