फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: एमपी-राजस्थान की सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

Fri, 03 Apr 2026 02:55 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
विज्ञापन
अलीगढ़ रोड पर एक ढकेल पर बिकतीं स​ब्जियां। संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां दूर होती जा रही हैं। स्थानीय फसल न होने के कारण हाथरस की मंडियों में मध्य प्रदेश और राजस्थान से सब्जियां मंगानी पड़ रही हैं, जिससे इनके दाम आसमान छू रहे हैं। अलीगढ़ रोड स्थित सब्जी मंडी में भिंडी, अरबी और तोरई के दाम 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
विज्ञापन




वर्तमान में हाथरस की मंडी में अरबी खंडवा व ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से आ रही है, जबकि भिंडी और तोरई की आवक कोटा, बूंदी व भरतपुर (राजस्थान) से हो रही है। लंबी दूरी से आने के कारण ट्रांसपोर्टेशन, पैकिंग और आढ़त का खर्च बढ़ गया है। थोक मंडी में ही इन सब्जियों की कीमत 50 रुपये प्रति किलो के पार है, जो फुटकर बाजार तक पहुंचते-पहुंचते दोगुनी हो जा रही है।



सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जिले की अपनी भिंडी, अरबी और तोरई की फसल तैयार होने में अभी 15 से 20 दिन का समय और लगेगा। जब तक स्थानीय फसल की आवक शुरू नहीं होती, तब तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है। स्थिति यह है कि फुटकर विक्रेता आगरा की मंडी से भी सब्जियां मंगाकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।
विज्ञापन





मध्य प्रदेश और राजस्थान से आवक होने के कारण अरबी, भिंडी और तोरई थोक में ही 50 रुपये किलो पड़ रही है। पूर्णिमा की छुट्टी होने के कारण मंडी बंद थी। ऐसे में फुटकर दुकानदारों ने आगरा से माल मंगाकर 80 से 100 रुपये किलो तक बेचा है।
— गोपाल अग्रवाल, थोक विक्रेता



बाहर से सब्जी आने पर पैकिंग और भाड़े का खर्च बहुत ज्यादा आता है। गर्मी के कारण लोकल फसल आने में अभी समय है। जैसे ही क्षेत्र की अपनी सब्जियां मंडी में आएंगी, कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी।
विज्ञापन

-राजू, फुटकर विक्रेता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें