एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बृहस्पतिवार को नगर पालिका परिषद की कर्मचारी सोनिया सिंह को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। इधर, टीम ने पालिका में पहुंचकर छानबीन की, जिसमें सामने आया कि पालिका को मिले 4500 आवेदनों में से लगभग 900 पात्र हो चुके हैं। हर फाइल पर 5000 हजार रुपये लिए जा रहे थे।
नगर पालिका परिसर में खुलेआम चल रहे रिश्वत के इस खेल में सोनिया सिंह अकेली नहीं हो सकतीं, यह बात एसीबी की टीम भी मान रही है। इसलिए टीम हर पहलू की जांच कर रही है। ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार यादव ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एफआईआर सात पेज की है, जिसमें विस्तारपूर्वक पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया गया है।
पांच हजार रुपये मांगे जाने पर सुमन पत्नी केपी सिंह निवासी माहेश्वरी कॉलोनी, इगलास अड्डा ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। सुमन ने टीम को बताया कि डेढ़ साल पहले उन्होंने आवेदन किया था, जिसके बाद से उन्हें परेशान किया जा रहा था। 28 मार्च को भी नगर पालिका गई थीं, लेकिन सोनिया सिंह ने रुपये मांगे।
शिकायत पर 30 मार्च को ट्रैप टीम का गठन किया गया, जिसमें चार निरीक्षक सहित आगरा व अलीगढ़ के 12 पुलिस कर्मी शामिल थे। छुट्टी के बाद एक अप्रैल को नगर पालिका परिसर में जाल बिछाया गया। 500-500 के 10 नोटों पर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाया गया, जिसे सादा कागज में शिकायतकर्ता को दे दिया गया। वही नोट सुमन ने सोनिया सिंह को पकड़ाए, जिन्हें उसने दाहिने हाथ से मेज की दराज में रख दिया था।
मौके पर ही महिला निरीक्षक ने सोनिया सिंह के हाथ पकड़ लिए और एक गिलास में सोडियम कार्बोनेट के घोल से हाथ धुलवाए। पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे साफ हो गया कि महिला ने नोट पकड़े हैं। बुधवार को देर शाम तक एंटी करप्शन की कार्रवाई चलती रही, इसलिए सोनिया सिंह को महिला थाना पुलिस के सुुपुर्द किया गया। बृहस्पतिवार को टीम सोनिया को अलीगढ़ लेकर पहुंची।
पालिका में छाया रहा सन्नाटा
हाथरस। एक दिन पहले हुई कार्रवाई के चलते बृहस्पतिवार को भी नगर पालिका परिसर में सन्नाटा छाया रहा। कई कर्मचारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। बृहस्पतिवार को भी एंटी करप्शन टीम सोनिया सिंह के कार्यालय पहुंची और यहां से प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित दस्तावेज एकत्रित किए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली गईं। पूरे दिन यह कार्रवाई कर्मचारियों के बीच चर्चा में रही।
योजना में हो चुकी है लाखों की वसूली
आवेदन जमा करने से लेकर फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पिछले एक साल में लाखों रुपये की वसूली आवेदकों से हो चुकी है। एंटी करप्शन के सामने कई आवेदक आए हैं, जिन्होंने पांच हजार रुपये मांगे जाने की शिकायत की है। इन सभी के बयान विवेचना में शामिल किए जाएंगे। यह वसूली लगभग 40 लाख बताई जा रही है।
सोनिया सिंह को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। कुछ नाम सामने आए हैं, जिनके बारे में छानबीन की जा रही है। विवेचना में अन्य शिकायतकर्ताओं के बयान शामिल किए जाएंगे।
-निरीक्षक देवेंद्र सिंह, प्रभारी एंटी करप्शन थाना, अलीगढ़