जीटी रोड पर स्थित महषि वाल्मीकि की प्रतिमा को बुधवार रात किसी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह समाज के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें रोष फैल गया। उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बता दें कि एक माह में प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की यह दूसरी घटना है।
बता दें कि जीटी रोड पर यह प्रतिमा काफी वर्षों से लगी हुई है। प्रतिमा मठिया के अंदर स्थापित है। दिसंबर माह में अज्ञात लोगों ने प्रतिमा का एक हाथ तोड़ दिया था। उस समय समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से हाथ को ठीक करा दिया था। बुधवार की रात अज्ञात आरोपी प्रतिमा को मूल स्थान से ही उखाड़ कर ले गए।
सुबह जब लोगों ने देखा तो कि प्रतिमा मठिया में नहीं हैं। लोगों ने तलाश की तो प्रतिमा पीछे बबूल के पेड़ों के बीच टूटी हुई पड़ी थी। किसी ने पत्थर प्रहार कर प्रतिमा को पूरी तरह नष्ट कर दिया। यह देख समाज के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। यहां भाजपा नेता रामदास वाल्मीकि भी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि बार-बार अराजक तत्व प्रतिमा को नष्ट कर जाते हैं, लेकिन पुलिस ऐसे तत्वों को कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम ज्योत्सना वंधु से मिला। एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नई प्रतिमा शीघ्र ही स्थापित कराई जाएगी। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रतिनिधि मंडल में रविदास वालमीकि, निर्मलदास, मौ. राशिद, उपेंद्र कु मार वार्ष्णेय, विवेकशील राघव, गौरव कुमार, अनूप कुमार, सचिन, अखिल वार्ष्णेय, प्रकाश वार्ष्णेय, विपिन लाल, पंकज गुप्ता, कपिल, बनिया, रूपेश, अनिल, मौसम कुमार चंचल आदि थे। कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।