सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी- प्रथम रोबिन कुमार की अदालत ने नौ साल पुराने चेक बाउंस के मामले में अभियुक्त गोविंद अग्रवाल को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही नौ लाख रुपये जुर्माना किया है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के मोती बाजार निवासी आशा गुप्ता ने अदालत में वाद दायर कर किया था। वाद में बताया गया कि उनके पारिवारिक संबंध बर्तन व्यवसायी गोविंद अग्रवाल निवासी मोती बाजार से थे। जनवरी 2017 में आर्थिक सहायता के तौर पर आशा व उनके पुत्र दीप वाष्र्णेय ने विभिन्न किस्तों व ऑनलाइन माध्यमों के जरिए गोविंद को छह लाख रुपये की राशि दी थी।
धनराशि की वापसी के लिए गोविंद अग्रवाल ने 21 जनवरी 2021 को 5 लाख रुपये का केनरा बैंक का एक चेक जारी किया था। लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान न मिलने पर पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने आरोपी गोविंद अग्रवाल को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी पाया। अदालत ने दोष निर्धारित करते हुएअभियुक्त को एक वर्ष का साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही नौ लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया है। अर्थदंड राशि में से 8.90 लाख रुपये आशा गुप्ता को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाएंगे। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।