हाथरस नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में 13 मार्च को जमकर हंगामा हुआ। एक साथ चार बैठक किए जाने पर सभासदों ने आपत्ति जताई। विकास कार्य न होने पर सभासदों ने खड़े होकर करोड़ों के प्रस्तावों का विरोध किया गया। सभासदों ने गंदगी, नलों की मरम्मत, ड्रेनेज पाइपलाइन के प्रस्तावों पर अधिकारियों को घेरा। करीब साढ़े चार घंटे तक बैठक में हंगामा होता रहा। नगर पालिका अध्यक्ष व ईओ सभासदों को समझाते नजर आए। जनता की समस्याएं जब बोर्ड के समक्ष रखीं तो संबंधित कर्मचारी बगलें झांकते नजर आए। आगामी विशेष बजट की बैठक भी साथ में हुई, जिसमें अनुमानित आय व व्यय का ब्यौरा रखा गया।
नबर पालिका बोर्ड की पिछली बैठक चार महीने पहले 12 नवंबर को हुई थी। पिछले बैठकें निरस्त होने के कारण सभी एक साथ रखी गईं। टाउन हॉल के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा व्यवस्था रही, जिससे हंगामे की संभावना को कम किया जा सके। इस सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सभासदरों ने अपनी अवाज बुलंद की। पहले विशेष बजट की बैठक हुई, जिसमें बताया कि गया पालिका पर इस वित्तीय वर्ष में 53 करोड़ रुपये अवशेष हैं। अगले वित्तीय वर्ष की अनुमानित आय 136 करोड़ तथा अनुमानित व्यय 134.75 करोड़ बताया गया। अवशेष व आय-व्यय का संपूर्ण विवरण बोर्ड के समक्ष रखा गया।
दूसरी बैठक के प्रस्ताव में आउट सोर्सिंग पर सफाई कर्मचारी रखने के प्रस्ताव रखे गए। 14 जनवरी की स्थिगित बोर्ड की बैठक के छह प्रस्ताव रखे गए, जिनमें सर्किट हाउस की जमीन, पालिका क्षेत्र में एक हजार कियोस्क विज्ञापन की दर, ओवरहेड टंकी की सफाई, शहर में 14 स्थानों पर वाटर हाईड्रेंट प्वाइंट के प्रस्ताव रखे गए, जो कि सर्वसम्मति से पास हुए।
इसके बाद चौथी बैठक में कुल 43 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें लगभग सभी प्रस्ताव पास हुए। प्रस्ताव नंबर नौ पर सभासदों ने जमकर हंगामा काटा। इसमें पेयजल, लाइटिंग व ड्रेनेज से संबंधित 30 प्रस्ताव रखे गए थे। 28 वें प्रस्ताव में 3.89 करोड़ रुपये से तीन हजार मीटर ड्रेनेज पाइप लाइन डालने का जिक्र था। स्थान न खोले जाने पर सभासदों ने प्रस्ताव निरस्त कर दिया, जिसे अगली बैठक में रखा जाएगा। जलकल विभाग के प्रस्तावों को घुमाफिरा कर फिर से रखने पर आपत्ति जताई गई।
मेला श्री दाऊजी महाराज परिसर में अभी से कार्य प्रस्तावित करने पर भी आपत्ति जताई गई। गौशाला में चारा की व्यवस्था, निराश्रित गायों को सडक़ से गौशाला तक पहुंचने के प्रस्ताव भी रखे गए, जो कि पास हुए। वार्ड 34 के सभासद सुनील अग्रिहोत्री ने बताया कि पिछली बोर्ड की बैठक में उनके यहां आठ गलियां स्वीकृत हुई थीं, लेकिन अभी तक एक भी नहीं बनी। इस पर उन्होंने जमकर हंगामा काटा। वार्ड नंबर नौ के धर्मेंद्र दिवाकर ने भी अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर हंगामा काटा।