एमओआईसी मुरसान जांच के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपी चिकित्सक नहीं मिले। लोगों से पूछताछ की। अप्रशिक्षित चिकित्सक के क्लीनिक पर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें उससे सीएमओ कार्यालय आकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
हाथरस में मुरसान के गांव कोटा में बुखार से बालक की मौत मामले में अब पुलिस व स्वास्थ्य विभाग दोनों ही आरोपी अप्रशिक्षित चिकित्सक को तलाश रहे हैं। सीएमओ के निर्देश पर 18 अक्तूबर को प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) गांव पहुंचे और क्लीनिक पर नोटिस भी चस्पा किया।
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कोटा निवासी राजकुमार के बेटे सतेंद्र (12) की 16 अक्तूबर को तबीयत खराब हो गई थी। वह सर्दी व बुखार से पीड़ित था। हालत में सुधार न होने पर उसे गांव में ही अप्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाया। राजकुमार का आरोप है कि उसके इंजेक्शन लगाने के बाद से ही सतेंद्र की हालत बिगड़ी थी। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी डा. एमआई आलम ने गांव में पहुंचकर परिजनों से बात की थी।
सीएमओ डाॅ. मंजीत सिंह के निर्देश पर 18 अक्तूबर को फिर एमओआईसी मुरसान जांच के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपी चिकित्सक नहीं मिले। लोगों से पूछताछ की। अप्रशिक्षित चिकित्सक के क्लीनिक पर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें उससे सीएमओ कार्यालय आकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।