ऑनलाइन गेम खेलकर रातों-रात अमीर और करोड़पति बनने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह पर मध्य प्रदेश पुलिस ने शिकंजा कसा है। उज्जैन में दर्ज हुए धोखाधड़ी के एक मामले की जांच करते हुए उज्जैन पुलिस ने 30 जुलाई को हाथरस में दबिश दी। पुलिस टीम हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव महौ खास से एक युवती को हिरासत में लेकर 30 जुलाई रात उज्जैन के लिए रवाना हो गई।
उज्जैन पुलिस ने ठगी के मामले में हाथरस जंक्शन क्षेत्र में दबिश दी थी। पुलिस इंस्टाग्राम आईडी के जरिए यहां पहुंची थी। युवती को हिरासत में लेकर गई है।-अमित पाठक, सीओ सादाबाद
इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाकर करती थी आकर्षित
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हिरासत में ली गई युवती गिरोह की प्रमोटर बनी हुई थी। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी आईडी से ऑनलाइन गेम के लुभावने वीडियो बनाकर पोस्ट करती थी और युवाओं को गेम में पैसे लगाने के लिए उकसाती थी। पुलिस के अनुसार इस ठगी के पीछे एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है। गिरोह के सदस्यों ने एक फर्जी वेबसाइट बना रखी थी, जिस पर लोगों से सट्टेबाजी व गेम के नाम पर पैसे निवेश कराए जाते थे। इसके साथ ही एक नेटवर्किंग कंपनी के जरिए चैन सिस्टम बनाकर लोगों को एक-दूसरे से जोड़ा जाता था और कम समय में करोड़पति बनने के फर्जी सपने दिखाए जाते थे।
कई लोग हुए शिकार, दर्ज हुआ मामला
शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाकर लोगों का विश्वास जीता जाता था, जिसके बाद वे बड़ी रकम लगा देते थे। इस तरह से मध्य प्रदेश के उज्जैन सहित कई इलाकों के लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए। ठगी का शिकार हुए पीड़ितों की शिकायत पर उज्जैन के संबंधित थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उज्जैन पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती की लोकेशन ट्रैक की और स्थानीय हाथरस पुलिस के सहयोग से महौ खास गांव में छापेमारी कर उसे पकड़ लिया।