सत्र न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय के न्यायालय ने 11 साल पहले पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। दोनों को तीन-तीन साल के कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मामला 28 मई 2015 का है। सादाबाद के तत्कालीन कोतवाली निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। इस दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि मथुरा रोड पर नौगवां नाले की पुलिया के पास स्थित एक कोठरी में कुछ शातिर अपराधी अवैध पिस्टलों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोठरी की घेराबंदी की। पुलिस को देखकर कोठरी के अंदर से तीन संदिग्ध बाहर निकले। उनमें से एक आरोपी ने साथियों को पुलिस पर हमला करने के लिए उकसाया और अवैध पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से सीधा फायर झोंक दिया।
पुलिस ने खुद का बचाव करते हुए जवाबी कार्रवाई की और घेराबंदी कर बदमाशों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मानवेंद्र उर्फ मंटू निवासी नौगवां, सादाबाद व मुकेश उर्फ मोनू निवासी मोहल्ला बरौलियान, सादाबाद को दोषी करार दिया।