अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम माधवी सिंह के न्यायालय ने जानलेवा हमला और लूट का प्रयास करने के दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना सासनी में मुकदमा दर्ज कराते हुए निसार अब्बास ने कहा था कि उनके रिश्तेदार अली मोहम्मद निवासी कोरना थाना मुरसान 18 मई 2016 को अपना ई-रिक्शा लेकर इगलास अड्डे पर खड़े थे। शाम के समय दो अज्ञात व्यक्ति आए और कहा कि हमें सासनी जाकर सामान लेकर वापस आना है। इन लोगों ने अली मोहम्मद से किराया तय किया। इसके बाद यह लोग उनके ई-रिक्शा में बैठ गए। यह लोग उन्हें सासनी से आगे नगला घना तक ले गए।
इन लोगों ने अली मोहम्मद से और आगे चलने के लिए कहा तो अली मोहम्मद ने मना कर दिया। इन दोनों ने अली मोहम्मद को तमंचे से गोली मार दी और उनका ई-रिक्शा छीनने का प्रयास किया। इसी बीच शोर मचाने और पुलिस के आने पर यह लोग ई-रिक्शा छोड़कर वहां से भाग गए। घायल का इलाज अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में हुआ।
पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी गजेंद्र निवासी कृष्णनगर बरौला बाईपास थाना बन्ना देवी जिला अलीगढ़ व प्रदीप निवासी ज्ञानगढ़ बगीची इगलास अड्डा के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम माधवी सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।