गांव के पशुओं में इस समय बीमारी फैल रही है। इसकी रोकथाम को लेकर पुराने तौर तरीके से रात को खप्पर निकाला जा रहा था। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया और पथराव कर दिया।
मुरसान क्षेत्र के गांव रायक में पशुओं में बीमारी से बचाने के लिए खप्पर निकालने का दूसरे वर्ग के लोगों ने विरोध किया और देखते ही देखते दोनों पक्ष भिड़ गए। मारपीट और पथराव में दोनों पक्षों की दो महिलाओं सहित पांच लोग घायल हुए हैं।
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घटना शनिवार रात नौ बजे करीब की है। इसमें एक पक्ष से पप्पू और दूसरे पक्ष से महिला जीवन, शमशेर, उसके बेटे आसिम और आमिर घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया है। सूचना पर पुलिस भी गांव में पहुंच गई।
दरअसल, गांव में पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए खप्पर निकालने की परंपरा है। इसमें गांव के लोग एक धुनी खप्पर में रखकर गांव में घुमाते हैं। गांव रायक निवासी पप्पू का कहना है कि गांव के पशुओं में इस समय बीमारी फैल रही है। इसकी रोकथाम को लेकर पुराने तौर तरीके से रात को खप्पर निकाला जा रहा था। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया और पथराव कर दिया। उन्हें व अन्य लोगों को लाठी डंडों और चाकू मारकर घायल कर दिया।
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दूसरे पक्ष के आमिर मलिक का कहना है कि वह अपने घर के बाहर खड़े होकर अपने भाई आसिम से बात कर रहे थे, तभी करीब सात लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया। बचाने आए पिता शमशेर और भाई की पत्नी को भी घायल कर दिया। सीओ सादाबाद अमित कुमार पाठक का कहना है कि दोनों पक्षों में खप्पर निकालने के दौरान मारपीट हो गई है। घायलों को उपचार के लिए भेजा है। आगे की कार्रवाई कराई जा रही है।